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कैंचीधाम ब्रेकिंग: आवासीय सोसायटी का हिसाब मांगों तो चरम पर अभद्रता करता बाहुबली स्थानियों को परेशान कर हथियाना चाहता है सभी फ्लैट्स

editor
  • Awaaz24x7 Team
  • June 25, 2023 01:06 PM
Kainchidham Breaking: On demanding the account of the residential society, Bahubali indulges in indecency and wants to grab all the flats by harassing the locals.

उत्तराखंड। नैनीताल के समीप कैंची धाम मंदिर के पास गुरु कृपा सोसाइटी में हुए विवाद के बाद यहां रह रहे लोगो ने उत्तराखंड सरकार से भू कानून व्यवस्था को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की है । सोसाइटी के सदस्यों ने नोएडा के राजीव चौधरी पर आरोप लगाया गया है कि वो सोसाइटी में रह रहे लोगो को प्रताड़ित कर उन्हें यहां से फ्लैट्स बेचने को मजबूर कर रहा है  सोसाइटी के सदस्यों ने राजीव चौधरी पर धोखाधड़ी से नयी सोसायटी बनाने और पुरानी सोसायटी से पैसा हड़पने का भी आरोप लगाया है।

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मामले के मुताबिक कैंची धाम मंदिर के कुछ ही कदमों की दूरी पर गुरुकृपा आवासीय सोसायटी है जिसमे करीब 26 फ्लैट्स है। इस सोसाइटी में नैनीताल के स्थानीय लोगों के अलावा बाहरी राज्य के लोगो ने भी फ्लैट्स खरीदे है। गुरु कृपा सोसाइटी साल 2016 में बनी थी जिसमें राजीव चौधरी को गुरु कृपा आवासीय सोसाइटी का महासचिव बनाया गया था। लेकिन राजीव चौधरी ने सोसायटी के लोगो को झांसे में रखकर एक नई सोसायटी गुरुदेव आवासीय कल्याण समिति  बना दी, जिसमें राजीव खुद अध्यक्ष बन बैठा और कोषाध्यक्ष आलोक गोस्वामी की पत्नी वंदना गोस्वामी को बना दिया। साथ ही पुरानी सोसायटी गुरुकृपा निवासीय कल्याण समिति से प्रमिला कुमारी सक्सेना और संयुक्त सचिव सुमित खन्ना को निकाल दिया और आलोक गोस्वामी की पत्नी वंदना गोस्वामी को जो पहले से उपाध्यक्ष थी उसे अध्यक्ष पद की ज़िम्मेदारी दे दी जिसके बाद वंदना गोस्वामी और राजीव चौधरी गुरुकृपा सोसायटी के खाते से पैसे की बंदरबाट करने लगे। 

सोसायटी का लेखा जोखा वंदना गोस्वामी और राजीव चौधरी ने कभी भी सदस्यों को नहीं दिया और न ही सोसायटी का ऑडिट करवाया । राजीव चौधरी ने आवासीय परिसर में पैसा तो पुरानी सोसायटी से निकाला लेकिन बिजली के लिए ट्रांसफार्मर नयी सोसायटी के नाम लगवा दिया । जबकि नयी सोसायटी गुरुदेव आवासीय कल्याण समिति का खाता तक नहीं खुला। 
   
17 जून को राजीव चौधरी कैंची धाम में सभी सदस्यों की एक बैठक बुलाता है जिसमें सुमित खन्ना पुलिस और मीडिया मामले को सुलझाने के लिए बैठक में पहुँचती है लेकिन बैठक में राजीव चौधरी नहीं आते उनकी जगह वंदना गोस्वामी और उनके पति आलोक गोस्वामी पहुँचते है जो कि पुरानी सोसाइटी में अध्यक्ष और नयी सोसाइटी में कोषाध्यक्ष है । जिसके बाद सभी सदस्य पुलिस और मीडिया की मौजूदगी में  उनसे सोसायटी की समस्याओं को लेकर सवाल पूछने लगते है जिस पर वो बिना जवाब दिये अपने फ्लैट में चले जाते है। 

बैठक में सोसायटी के सदस्यों द्वारा पुलिस मीडिया और मानवाधिकार उपाध्यक्षा के सामने सवाल पूछने पर राजीव चौधरी एक नया दांव चलता है जिसमें वो सभी को गुंडा और असामाजिक तत्व बता कर उत्तराखंड सीएम कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को ट्विट्टर पर कार्यवाही करने के लिए बोलता है। 
 
इस मामले में जब राजीव चौधरी से संपर्क किया गया तो उनका कोई जवाब नहीं आया जिसके बाद खबर प्रकाशित कर दी गयी एक दिन बाद राजीव चौधरी ने आवाज़ इंडिया के संपादक से बात की और अपना पक्ष रखते हुए बताया कि सुमित खन्ना और अन्य जिन्हें भी बाहर किया गया है इन लोगों ने सोसायटी का बकाया नहीं दिया है और पैसा न देना पड़े और सुविधाएं फ्री में मिलती रहे इसलिए ये लोग मेरे विरुद्ध झूठे और अनर्गल आरोप लगा रहे है। उन्होने ये भी कहा कि उन पर कभी भी धारा 506 लगी ही नहीं। लेकिन जब राजीव चौधरी से दस्तावेज़ मांगे गए तो उन्होने एक सोसाइटी का रजिस्टर और दो रिकार्डिंग भेज दी जिनका तथ्यों से कोई लेना देना नहीं था और उसके बाद ख़बर को हटवाने के लिए दबाव बनवाते रहे जब और अंत में संपादक ने खबर हटाने से मना कर दिया तो वहीं संपादक सुनील मेहता और पत्रकार कंचन वर्मा को मानहानि का नोटिस बनवाकर अपने सोसायटी के व्हाट्सप्प ग्रुप में पोस्ट कर दिया।
 


 
आवाज़ इंडिया ने इस मामले में सभी दस्तावेजों का अध्ययन किया है और तथाकथित शूटर से भी संपर्क किया और उसने बताया कि राजीव चौधरी के कहने पर उसने सुमित खन्ना को फोन किया था। इस पूरे मामले में जांच होनी बेहद जरूरी है कई सारे सवाल है जिनका जवाब सोसायटी के अध्यक्ष और महासचिव नहीं दे पा रहे है। सोसायटी के सभी सदस्यों और फ्लैट मालिकों  ने उपनिबंधक कार्यालय हल्द्वानी और स्थानीय पुलिस के साथ एसएसपी को भी इस मामले में कई बार शिकायत की है लेकिन पुलिस के द्वारा अभी तक कोई भी संतोषजनक कार्यवाही नहीं की गयी बहरहाल उपनिबंधक कार्यालय हल्द्वानी ने गुरुकृपा सोसायटी के अध्यक्ष और सचिव को 15 दिनों का समय देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।


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