• Home
  • News
  • Kashipur farmer suicide case: Administrative staff met with family members, provided assurances on their demands, and the funeral took place amid a mournful atmosphere.

काशीपुर किसान आत्महत्या केसः परिजनों से मिला प्रशासनिक अमला! मांगों पर दिया आश्वासन, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार

  • Awaaz Desk
  • January 12, 2026 08:01 AM
Kashipur farmer suicide case: Administrative staff met with family members, provided assurances on their demands, and the funeral took place amid a mournful atmosphere.

रुद्रपुर। काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या मामले ने पूरे प्रदेश को झंकझोर कर रख दिया है। इस मामले में जहां आज एसएसपी ऊधम सिंह नगर ने बड़ा एक्शन लेते हुए थानाध्यक्ष आईटीआई कुंदन सिंह रौतेला व उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को निलंबित कर दिया है। वहीं पैगा चौकी के प्रभारी सहित पूरी चौकी को लाइन हाजिर किया गया है। इधर मृतक सुखवंत के परिवार द्वारा रखी गई तीन मांगों में से दो मांगों को प्रशासन द्वारा पूरा किए जाने का आश्वासन दिया गया है, जिसके बाद परिवार ने सहमति जताते हुए गमगीन माहौल में मृतक सुखवंत सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए और सुखवंत सिंह की आत्मिक शांति की प्रार्थना की। 
बता दें कि रविवार देर शाम सुखवंत सिंह का शव हल्द्वानी से काशीपुर लाया गया, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया था। मृतक के परिवार की तरफ से 3 मांगें प्रशासन के समक्ष रखी गई थी और आज दोपहर 12 बजे तक पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया था। जिसके बाद आज प्रातः मृतक सुखवंत सिंह के परिवार के साथ एसडीएम काशीपुर अभय प्रताप सिंह, एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर सिंह और एडिशनल एसपी/सीओ दीपक सिंह के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन द्वारा वार्ता की गई। इस दौरान एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर सिंह ने कहा कि मृतक सुखवंत सिंह के परिजनों के द्वारा जो मांगे रखी गई थी और मांगों को पूरा करने की हर संभव कोशिश की जा रही है। साथ ही जो भी समुचित कदम होंगे वह उठाए जाएंगे। वहीं एसडीएम काशीपुर अभय प्रताप सिंह ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है, जिसका संज्ञान स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लिया गया है। मृतक के परिजनों द्वारा दोषियों पर कार्रवाई और रकम की रिकवरी के लिए जो मांग रखी गई थी उसपर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन के साथ परिवार की सहमति बन गई है। वहीं पूरे मामले में किसान नेता जितेंद्र सिंह जीतू ने कहा कि आज सुबह प्रशासन के साथ परिवार की वार्ता हुई है, जिसमें जो 3 करोड़ 80 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई थी, उनमें से 25 प्रतिशत रकम परिवार को दी जा चुकी है। जिस पर प्रशासन ने सहमति जता दी है, जबकि 75 प्रतिशत रकम के लिए 20 जनवरी को पड़ने वाले भोग से एक दिन पूर्व 19 जनवरी तक का समय प्रशासन ने दिया है। जिसकी रिकवरी दोषियों से की जाएगी। वहीं मामले में दोषी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। जिस पर परिवार ने सहमति जता दी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने भोग से पहले 19 जनवरी तक पैसे की रिकवरी नहीं कराई तो 20 तारीख को हाईवे जाम कर दिया जाएगा। बता दें कि इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर शाम ही मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को सौंपी गई है।


संबंधित आलेख: