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कौशाम्बी: पटाखा फैक्टरी के भीषण विस्फोट से मची तबाहीः!पांच लोगों की मौत से पसरा मातम, दर्जनभर से ज्यादा घायल

editor
  • Awaaz Desk
  • August 31, 2026 11:08 AM
Kaushambi: Devastation caused by a massive explosion at a firecracker factory; five dead, over a dozen injured.

कौशाम्बी। कौशाम्बी और प्रयागराज की सीमा पर स्थित मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में दोपहर करीब 12 बजे एक मकान में संचालित पटाखा फैक्टरी में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते फैक्टरी में रखे पटाखों में एक के बाद एक जोरदार धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्टरी के आसपास बने कई मकान धराशायी हो गए। कई घरों के शीशे टूट गए और आसपास का इलाका मलबे में तब्दील हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे में कई लोगों की मौत हुई है, जबकि दर्जनभर से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में बच्चे भी शामिल हैं। एसआरएन अस्पताल प्रयागराज में लाए गए घायलों में पांच वर्षीय प्रांजली और 13 वर्षीय प्रवीण की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, 16 वर्षीय उर्वशी और 45 वर्षीय राजेश की हालत गंभीर बताई गई है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। समता, अनीता और माला देवी समेत अन्य घायलों का उपचार जारी है। अधिकारियों के अनुसार मृतकों और घायलों की संख्या में आगे बदलाव हो सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सोमवार दोपहर अचानक फैक्टरी वाले मकान से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही क्षणों में वहां रखे पटाखों में विस्फोट शुरू हो गया। एक के बाद एक हुए तेज धमाकों से पूरा मनौरी बाजार दहल उठा। धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और देखते ही देखते फैक्टरी के आसपास धुएं का घना गुबार छा गया। विस्फोट के कारण इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। बताया जा रहा है कि फैक्टरी बस्ती से कुछ दूरी पर स्थित एक मकान में संचालित हो रही थी। हादसे के समय वहां करीब एक दर्जन लोगों के मौजूद होने की सूचना है। आग और धमाकों की सूचना मिलने के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार हो रहे विस्फोट के कारण राहत और बचाव कार्य शुरू करना बेहद मुश्किल रहा।

15 से अधिक मकान धराशायी, मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका
विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैक्टरी के आसपास बने 15 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त होने या धराशायी होने की सूचना है। कई मकानों की दीवारें और छतें गिर गईं। मलबा आसपास के क्षेत्र में दूर तक फैल गया। बताया जा रहा है कि फैक्टरी से करीब 250 मीटर दूर स्थित रेलवे पुल तक ईंट और मलबा जा पहुंचा। कई मकानों के शीशे भी टूट गए। प्रशासन को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी लोग फंसे हो सकते हैं। इसी को देखते हुए जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया है। बचाव दल बेहद सावधानी से मलबे को हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।

एयरफोर्स के जवान भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अलावा सेना के जवानों को भी मौके पर बुलाया गया। एयरफोर्स के जवान भी राहत और बचाव अभियान में जुट गए हैं। मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। लगातार धमाकों और क्षतिग्रस्त मकानों की स्थिति को देखते हुए बचाव दल को बेहद सतर्कता के साथ काम करना पड़ रहा है। अधिकारियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।

घायलों को एंबुलेंस का इंतजार, परिजन परेशान
हादसे के बाद राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। घायलों के परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद मौके पर एंबुलेंस पहुंचने में काफी समय लगा। परिजनों के मुताबिक करीब एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर कुछ घायलों को स्थानीय लोगों ने छोटे मालवाहक वाहन में चारपाई पर लिटाकर प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल पहुंचाया। परिजनों ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से एंबुलेंस के बारे में जानकारी मांगी गई तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। हालांकि, प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी होने की बात कही जा रही है। इस पूरे मामले में एंबुलेंस की उपलब्धता और मौके से अस्पताल तक घायलों को पहुंचाने की व्यवस्था की भी जांच की जा सकती है।


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