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हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद में खरगे का बड़ा दांव! जेपी नड्डा को पत्र लिखकर मांगी कार्रवाई, बोले- अब तक FIR दर्ज न होना हैरान करता है

editor
  • Awaaz Desk
  • September 03, 2026 07:09 AM
Kharge makes a bold move in the Haldwani ‘purification’ row! He has written to JP Nadda seeking action, stating that the failure to register an FIR so far is shocking.

नई दिल्ली/हल्द्वानी। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित 'शुद्धिकरण' को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जहां कांग्रेस इस घटना को दलित सम्मान और छुआछूत से जोड़कर लगातार सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर शुद्धिकरण कार्यक्रम से जुड़े लोगों की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा को पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। खरगे ने अपने पत्र में हल्द्वानी की घटना पर गहरा असंतोष जताते हुए कहा कि उन्होंने 13 अगस्त 2026 को राज्यसभा में इस मुद्दे को बेहद दुख और पीड़ा के साथ उठाया था। उस समय सदन में जेपी नड्डा ने घटना की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था। खरगे ने अब नड्डा को वही आश्वासन याद दिलाते हुए कहा है कि घटना के 24 दिन बीत जाने के बावजूद संबंधित संगठन और व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई। खरगे ने नड्डा से आग्रह किया कि वह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को निर्देश दें कि हल्द्वानी में कथित 'शुद्धिकरण' की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए और मामले में उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जेपी नड्डा को लिखे पत्र में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हल्द्वानी में हुई घटना को केवल कांग्रेस अध्यक्ष के पद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक यह मामला करोड़ों लोगों की भावनाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। खरगे ने अपने पत्र में कहा कि 8 अगस्त को हल्द्वानी में हुई उनकी जनसभा के बाद कथित तौर पर छुआछूत से प्रेरित 'शुद्धिकरण' किया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना ने उन्हें गहरा दुख पहुंचाया और इसी कारण उन्होंने 13 अगस्त को राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया था। खरगे ने पत्र में राज्यसभा में नड्डा की ओर से दिए गए बयान का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार नड्डा ने सदन में घटना को दुखद बताते हुए कहा था कि इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। खरगे ने यह भी याद दिलाया कि राज्यसभा के सभापति ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया था। कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि जब सदन में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, तो इसके बावजूद इतने दिन बीतने के बाद भी कथित घटना को अंजाम देने वाले संगठन और व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होना हैरानी की बात है।

8 अगस्त की रैली के बाद शुरू हुआ विवाद
दरअसल, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की बड़ी जनसभा आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे थे। कांग्रेस के मुताबिक, जनसभा के दो दिन बाद यानी 10 अगस्त को रामलीला मैदान में कथित तौर पर 'शुद्धिकरण यज्ञ' कराया गया। इस घटना के सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे गंभीर मुद्दा बना दिया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि शुद्धिकरण कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की दलित पहचान से जोड़कर किया गया और यह दलित समुदाय के सम्मान तथा संवेदनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। कांग्रेस ने मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की। विवाद बढ़ने के बाद यह मुद्दा उत्तराखंड से निकलकर संसद तक पहुंच गया।

राहुल गांधी ने भी उठाया था सवाल
हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने 8 अगस्त को खरगे की हल्द्वानी रैली और 10 अगस्त को कथित शुद्धिकरण यज्ञ का जिक्र करते हुए इसे दलित विरोधी मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए थे। इस विवाद में नया मोड़ तब आया जब राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई। अनुसूचित जाति के युवक अमित कुमार की शिकायत के आधार पर दर्ज मुकदमे में राहुल गांधी पर अनुसूचित वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 196 और 299 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1) का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने हल्द्वानी में हुए शुद्धिकरण यज्ञ को दलित विरोधी बताते हुए जो टिप्पणी की, उससे अनुसूचित वर्ग की भावनाएं आहत हुईं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कांग्रेस का सवाल- एक शिकायत पर कार्रवाई, दूसरी पर चुप्पी क्यों?
राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का तर्क है कि जिस घटना को लेकर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में मुद्दा उठाया और जिस पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सदन में जांच व कार्रवाई का भरोसा दिलाया था, उसमें अब तक एफआईआर क्यों नहीं हुई। कांग्रेस की ओर से इसे लेकर पहले भी सवाल उठाए जाते रहे हैं कि 18 अगस्त से संबंधित शिकायत लंबित होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई, जबकि राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत सामने आने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया। अब मल्लिकार्जुन खरगे के जेपी नड्डा को लिखे पत्र ने इस पूरे विवाद को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।


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