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गैरसैंण में विधायी रफ्तार: बजट सत्र के दूसरे दिन सदन से पास हुए 11 अहम विधेयक, ‘देवभूमि परिवार’ बना चर्चा का केंद्र

  • Tapas Vishwas
  • March 10, 2026 12:03 PM
Legislative momentum in Gairsain: 11 key bills passed by the House on the second day of the budget session, 'Devbhoomi Parivar' becomes the center of discussion

गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर में विधायी कार्यवाही तेज रफ्तार से आगे बढ़ी। मंगलवार को सदन में कुल 11 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा ‘देवभूमि परिवार विधेयक-2026’ को लेकर रही। राज्य सरकार का दावा है कि यह विधेयक लागू होने के बाद प्रदेश में सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंच सकेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह विधेयक सुशासन की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। इसके लागू होने के बाद राज्य में एकीकृत और सत्यापित परिवार आधारित डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिसे ‘देवभूमि परिवार आईडी’ के नाम से जाना जाएगा। इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक परिवार का एक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने में आसानी होगी। सरकार के अनुसार अभी राज्य के विभिन्न विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के लिए अलग-अलग लाभार्थी डेटाबेस का उपयोग करते हैं। इस वजह से कई बार एक ही व्यक्ति का नाम कई योजनाओं में दोहराया जाता है, जबकि कई पात्र लोग लाभ से वंचित रह जाते हैं। इसके अलावा बार-बार सत्यापन और विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण प्रशासनिक संसाधनों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

नए विधेयक के लागू होने के बाद इन समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार राज्य में एक एकीकृत परिवार स्तर का डेटा भंडार स्थापित करेगी, जो सभी विभागों और एजेंसियों के लिए लाभार्थी जानकारी का विश्वसनीय स्रोत बनेगा। इससे योजनाओं का बेहतर लक्षित क्रियान्वयन संभव होगा और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सहायता अधिक तेजी से पहुंच सकेगी। इस व्यवस्था की एक खास बात यह भी होगी कि देवभूमि परिवार आईडी में परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य को मुखिया के रूप में दर्ज किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। डेटा के सुरक्षित उपयोग और गोपनीयता को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट व्यवस्था का प्रावधान किया है। प्रस्तावित प्रणाली के तहत विभागों के बीच सुरक्षित और विनियमित डेटा आदान-प्रदान की व्यवस्था विकसित की जाएगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 (DPDP Act) के प्रावधानों के अनुरूप संचालित होगी, ताकि नागरिकों की जानकारी सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से उपयोग में लाई जा सके। सरकार का मानना है कि देवभूमि परिवार विधेयक के लागू होने से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, योजनाओं का बेहतर आकलन संभव होगा और संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग हो सकेगा।

बजट सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में कुल 11 विधेयक पारित किए गए। इनमें उत्तराखंड दुकान और स्थापना (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) संशोधन विधेयक-2026, उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक-2026, उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक-2026, समान नागरिक संहिता उत्तराखंड संशोधन विधेयक-2026, आरक्षण से संबंधित संशोधन विधेयक-2026, उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं संशोधन विधेयक-2026, उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग संशोधन विधेयक-2026, उत्तराखंड भाषा संस्थान संशोधन विधेयक-2026, उत्तराखंड देवभूमि परिवार विधेयक-2026, उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक-2026 और उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक-2026 शामिल हैं। विधानसभा में एक ही दिन में इतने विधेयकों के पारित होने को सरकार ने विकास और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम बताया है, जबकि विपक्ष इन प्रस्तावों पर आगे भी चर्चा की मांग करता नजर आया। हालांकि इतना तय है कि गैरसैंण के बजट सत्र का दूसरा दिन विधायी गतिविधियों के लिहाज से बेहद अहम रहा।


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