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उत्तराखण्ड में गुलदार की दहशतः घास काट रही महिला की दर्दनाक मौत! गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे पर लगाया जाम, आदमखोर घोषित करने की मांग

editor
  • Awaaz Desk
  • October 10, 2026 09:10 AM
Leopard terror in Uttarakhand: Woman cutting grass meets a gruesome death! Irate villagers block the highway, demanding it be declared a man-eater.

श्रीनगर गढ़वाल। पौड़ी गढ़वाल के खंडाह क्षेत्र के बछेली गांव में गुलदार के हमले में 48 वर्षीय बीना देवी की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने श्रीनगर-पौड़ी-कोटद्वार हाईवे पर जाम लगाकर वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर मारने और मृतका के इकलौते बेटे को सरकारी नौकरी या रोजगार देने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार के हमलों की छह से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें यह तीसरी मौत है। लगातार हो रही घटनाओं से लोग दहशत में हैं। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब पांच बजे बछेली गांव निवासी बीना देवी अपने घर के पास खेत में घास काट रही थीं। आसपास के खेतों में तीन अन्य लोग भी घास काट रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने बीना देवी पर हमला कर दिया और उन्हें खींचकर ले जाने लगा। नीचे के खेत में मौजूद एक दंपति की नजर पड़ने पर गुलदार पीछे की ओर हटने लगा। ऊपरी खेत में घास काट रही महिला को जब बीना देवी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद ग्रामीण भी मौके पर जुटने लगे। शोर सुनकर गुलदार महिला के शव को छोड़कर भाग गया। घटनास्थल से करीब 15 मीटर दूर उनका शव मिला। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घटना के बाद ग्रामीण करीब एक घंटे तक शव के साथ घटनास्थल पर डटे रहे और गुलदार को मारने की मांग करते हुए वन विभाग के प्रति नाराजगी जताई। पहले ग्रामीणों ने शव नहीं उठाने की बात कही, लेकिन बाद में आपसी सहमति से शव को घर पहुंचाया गया। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है। बीना देवी की सास का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे अरविंद रावत ने कहा कि उनकी मां ने जीवनभर संघर्ष कर उन्हें पाला। ग्राम प्रधान कुलदीप सिंह गुसाईं के मुताबिक, बीना देवी के पति का करीब 25 वर्ष पहले निधन हो गया था। उस समय वह गर्भवती थीं। बाद में उन्होंने बेटे अरविंद को जन्म दिया और घास बेचकर परिवार का पालन-पोषण किया। अरविंद कुछ समय पहले श्रीनगर में एक दुकान पर काम करने लगा था। मां की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गढ़वाल के डीएफओ महातीम यादव ने बताया कि वह टीम के साथ मौके पर पहुंचे हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरणों के साथ वनकर्मियों को तैनात किया गया है। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं तथा अधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी गई है। बरसात में उगी घास और झाड़ियों के कारण गांव के खेतों व रास्तों में गुलदार की आवाजाही का खतरा बढ़ गया है।


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