दुल्हनों की आड़ में 'दारू' का धंधा: बिहार में लग्जरी कार से 5 लाख की शराब जब्त, हरियाणा के दो 'हनीमून जोड़े' गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को ठेंगा दिखाने और सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए अंतरराज्यीय तस्कर रोजाना नए-नए और चौंकाने वाले हथकंडे अपना रहे हैं। ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले से सामने आया है, जहां उत्पाद विभाग की टीम ने एक ऐसे 'हनीमून गैंग' का पर्दाफाश किया है, जो नई नवेली दुल्हनों की आड़ में विदेशी शराब की बड़ी खेप खपाने बिहार पहुंचा था। तस्करों ने पुलिस की पैनी चेकिंग से बचने के लिए कार में दो नवविवाहित जोड़ों को बैठाया था ताकि कोई उन पर शक न करे। हालांकि, मुजफ्फरपुर उत्पाद विभाग की सतर्कता के आगे उनकी यह चालाकी धरी की धरी रह गई। हरियाणा के रोहतक से शुरू हुआ इन दो कथित जोड़ों का सफर मुजफ्फरपुर के रेवा पुल पर आकर खत्म हुआ और अब चारों सलाखों के पीछे दिन काट रहे हैं। उत्पाद विभाग को पिछले काफी समय से गुप्त सूचना मिल रही थी कि तस्करों का एक शातिर अंतरराज्यीय सिंडिकेट वीआईपी गाड़ियों और पारिवारिक जोड़ों का इस्तेमाल कर बिहार में विदेशी शराब की बड़ी खेप की सप्लाई कर रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और जिला बॉर्डर्स पर मुखबिरों को अलर्ट मोड पर रखा गया।
जैसे ही हरियाणा नंबर की एक संदिग्ध लग्जरी कार छपरा बॉर्डर पार कर मुजफ्फरपुर की सीमा में दाखिल हुई, रेवा पुल के पास पहले से जाल बिछाकर बैठी उत्पाद विभाग की टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। जब गाड़ी की सघन तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। कार के भीतर बनाए गए विशेष गुप्त तहखानों में करीब 5 लाख रुपये मूल्य की ब्रांडेड विदेशी शराब छुपाकर रखी गई थी। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हरियाणा के रोहतक जिले के रहने वाले सोनू और अजीत, तथा राखी और दीपक के रूप में हुई है। पूछताछ में यह साफ हुआ कि दोनों महिलाएं बाकायदा शादी के जोड़े और दुल्हनों के भारी लिबास में थीं, ताकि किसी भी चेकपोस्ट पर सुरक्षाकर्मियों को उन पर जरा भी संदेह न हो। तस्करों को पूरा भरोसा था कि नई नवेली दुल्हनों को देखकर पुलिस सम्मान में गाड़ी को बिना जांच किए छोड़ देगी, लेकिन उनका यह चक्रव्यूह विफल हो गया। उत्पाद विभाग की कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले राज उगले हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वे इस तरह का हथकंडा पहली बार नहीं अपना रहे हैं, बल्कि इससे पहले भी इसी रूप में शराब की एक बड़ी खेप बिहार के स्थानीय माफियाओं तक सुरक्षित पहुंचा चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद इस रैकेट से जुड़े कई बड़े खुलासे हुए हैं। इनके बयानों के आधार पर अब बिहार और मुजफ्फरपुर के उन स्थानीय शराब कारोबारियों की पहचान की जा रही है, जो इस अंतरराज्यीय नेटवर्क को बैकएंड से चला रहे हैं और जिन्होंने यह ऑर्डर मंगवाया था। जल्द ही इस सिंडिकेट के मुख्य सरगना को भी दबोच लिया जाएगा। तस्करी के इस बेहद अनोखे और पारिवारिक तरीके के सामने आने के बाद उत्पाद विभाग और मुजफ्फरपुर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है। विभाग का मानना है कि इस गैंग की गिरफ्तारी से उत्तर बिहार में सक्रिय एक बहुत बड़े नेटवर्क की कमर टूटेगी। मुजफ्फरपुर और उसके आसपास के सभी सीमावर्ती इलाकों (बॉर्डर चेकपोस्ट) पर सुरक्षा और पैनी कर दी गई है। अब पारिवारिक गाड़ियों और महिला यात्रियों वाली संदिग्ध कारों की भी बारीकी से जांच करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि शराबबंदी को पूरी तरह सफल बनाया जा सके।