बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: अमिताभ सिंह बने सीवान के नए डीडीसी,पटना-मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों के बदले अफसर, महिला अधिकारियों को मिली कमान
पटना। बिहार प्रशासनिक गलियारे से आज की सबसे बड़ी खबर आ रही है। राज्य सरकार ने ब्यूरोक्रेसी में बड़ा बदलाव करते हुए व्यापक पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना संख्या 11687 के तहत बिहार प्रशासनिक सेवा के 36 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर उन्हें नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल की सबसे खास बात यह है कि लंबे समय से पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को मुख्यधारा में लाते हुए सचिवालय से लेकर जिला स्तर तक तैनात किया गया है। सरकार के इस कदम को आगामी प्रशासनिक सुधारों और जमीनी स्तर पर योजनाओं को गति देने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
जारी सूची के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ सिंह को सीवान का नया उप विकास आयुक्त नियुक्त किया गया है, जिन पर जिले के विकास कार्यों को रफ्तार देने की जिम्मेदारी होगी। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले अनिल कुमार को समाज कल्याण विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है। इसके साथ ही, गिरधारी लाल को सूबे के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक 'राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग' में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात किया गया है। मुजफ्फरपुर में जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए सुरेन्द्र प्रसाद को नया बंदोबस्त पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक कौशल को देखते हुए उन्हें शिवहर जिले का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त, रवि रंजन कुमार गुप्ता को राजधानी पटना का नया जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है, जो पटना के बुनियादी ढांचे और सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के कार्यों को गति देंगे। नीतीश सरकार के इस नए प्रशासनिक फेरबदल में महिला सशक्तीकरण और स्थानीय प्रशासन की मजबूती पर साफ फोकस दिखाई दे रहा है। सूची में कई महिला अधिकारियों को बेहद अहम और नीतिगत पदों पर भेजा गया है। इसके तहत मृदुला कुमारी को भवन निर्माण विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि राखी कुमारी को सीमांचल के महत्वपूर्ण जिले किशनगंज का वरीय उप समाहर्ता बनाया गया है। स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए फिरोज अख्तर को कटिहार का अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) नियुक्त किया गया है। बाढ़ और अन्य आपदाओं के लिहाज से कटिहार बेहद संवेदनशील जिला है, ऐसे में यह तैनाती काफी अहम मानी जा रही है। इसके साथ ही, आम जनता की समस्याओं को सीधे और पारदर्शी तरीके से सुलझाने के लिए सरकार ने भागलपुर और बेगूसराय जैसे बड़े और औद्योगिक जिलों में नए 'जिला लोक शिकायत निवारण अधिकारियों' की मुस्तैदी की है। सरकार के इस कदम से आम जनता को अपनी शिकायतों के निवारण के लिए अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अधिसूचना जारी होने के साथ ही सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तुरंत अपने नए पद पर योगदान देने के निर्देश दिए गए हैं।