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हरिद्वार में 'ऑपरेशन प्रहार' का बड़ा धमाका: फर्जी दस्तावेजों के साथ रह रही बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार,छत्तीसगढ़ का मददगार भी दबोचा

editor
  • Tapas Vishwas
  • April 09, 2026 08:04 AM
Major Breakthrough in Haridwar's 'Operation Prahar': Bangladeshi Woman Residing with Fake Documents Arrested; Chhattisgarh-based Accomplice Also Nabbed

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन प्रहार" को बुधवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ज्वालापुर पुलिस और स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) की संयुक्त टीम ने फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे रह रही एक बांग्लादेशी महिला और उसके मददगार को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला के पास से न केवल बांग्लादेशी पासपोर्ट मिला है, बल्कि भारत के महत्वपूर्ण पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं, जिन्हें उसने फर्जी तरीके से बनवाया था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह ने पुलिस कार्यालय में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बुधवार को ज्वालापुर पुलिस और एलआईयू की टीम वैष्णवी एन्क्लेव, रामानंद कॉलेज के पास सत्यापन अभियान चला रही थी। इसी दौरान टीम को एक संदिग्ध महिला मिली। सख्ती से पूछताछ करने पर महिला टूट गई और उसने स्वीकार किया कि वह नाम बदलकर यहाँ रह रही थी। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार महिला का असली नाम सहेला बेगम है, जो बांग्लादेश के कुमीला जिले की रहने वाली है। सहेला वर्ष 2023 में सोशल मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ निवासी श्यामदास के संपर्क में आई थी। श्यामदास के बुलावे पर वह भारत आई, लेकिन वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद वह वापस नहीं गई। वह अवैध रूप से दिल्ली और फिर हरिद्वार में ठिकाना बदलकर रहने लगी। एसएसपी ने बताया कि हरिद्वार पहुँचने के बाद सहेला बेगम ने श्यामदास की मदद से खुद को भारतीय नागरिक साबित करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का जाल बुना। पुलिस ने सहेला के पास से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, भारतीय पासपोर्ट और मैरिज सर्टिफिकेट बरामद किया है। इन दस्तावेजों को तैयार कराने वाले मास्टरमाइंड श्यामदास को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। श्यामदास मूल रूप से बिलासपुर, छत्तीसगढ़ का रहने वाला है और वह दिव्यांग है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विदेशी विषयक अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सहेला बेगम के तार किसी अन्य संदिग्ध गतिविधियों से तो नहीं जुड़े हैं और श्यामदास ने इससे पहले और कितने लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार कराए हैं।


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