धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: उपनल कर्मियों को 'समान कार्य-समान वेतन' की ऐतिहासिक सौगात, 12 बड़े प्रस्तावों पर लगी मुहर
उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने आज गुरुवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट की उच्च स्तरीय बैठक में जनहित और राज्य के विकास से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसलों पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। इस बैठक में कुल 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जो युवाओं, कर्मचारियों, किसानों और राज्य आंदोलनकारियों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्यहित से जुड़े 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक की शुरुआत शोक प्रस्ताव के साथ हुई, जिसमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी और पद्मश्री सम्मानित अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और चर्चित फैसला उपनल कर्मचारियों को लेकर रहा। वर्षों से समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग कर रहे उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। कैबिनेट के इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से चल रही मांग के पूरा होने पर कर्मचारियों में खुशी की लहर है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह फैसला राज्य में शिक्षा के विस्तार और साक्षरता अभियान की सफलता के रूप में देखा जा रहा है। वहीं उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा नियमावली-2026 में संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे संस्कृत शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का रास्ता साफ होगा। आबकारी विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले में वेट और सेस पर लगने वाले दोहरे कर को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। सरकार का मानना है कि इस कदम से कर प्रणाली अधिक सरल और पारदर्शी बनेगी। इसके अलावा सड़क निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले कोलतार की उपलब्धता में आ रही दिक्कतों को देखते हुए संबंधित टेंडरों की अनुबंध अवधि बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई। कृषि और उद्यान विभाग के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। देहरादून के सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र में परफ्यूम और सुगंधित उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। इससे सुगंधित पौधों के उत्पादन और उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने हिमालय कार रैली के आयोजन को भी मंजूरी दी है। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में लगभग 25 देशों के प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। सरकार को उम्मीद है कि इससे उत्तराखंड के पर्यटन को वैश्विक पहचान मिलेगी और राज्य में साहसिक पर्यटन को नई गति प्राप्त होगी। राज्य आंदोलनकारियों के हित में भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। हाल में हुई भर्तियों में राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इसे आंदोलनकारियों के सम्मान और उनके योगदान की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। चारधाम यात्रा को लेकर भी सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यात्रा में उपयोग होने वाले पशुओं की खरीद और रखरखाव के लिए सरकार 20 प्रतिशत आर्थिक सहायता देगी। इस योजना पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे यात्रा संचालन में जुड़े पशुपालकों और स्थानीय लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा कारागार नियमावली में संशोधन करते हुए “अभ्यस्त अपराधी” की परिभाषा निर्धारित की गई है। सेवा नियमावली में भी संशोधन कर विभागों में पदों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया। वहीं पशुपालन विभाग के पायलट प्रोजेक्ट के तहत कृत्रिम गर्भाधान योजना को मंजूरी देकर पशुधन विकास को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाया गया है। कुल मिलाकर धामी कैबिनेट की यह बैठक कर्मचारियों, किसानों, पशुपालकों, पर्यटन क्षेत्र और राज्य आंदोलनकारियों सहित विभिन्न वर्गों के लिए कई महत्वपूर्ण सौगात लेकर आई है। विशेष रूप से उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य-समान वेतन का फैसला सरकार के सबसे बड़े निर्णयों में से एक माना जा रहा है।