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सुपरनोवा केस में बड़ा खुलासाः प्रीमैच्योर बेटे के इलाज पर 40 लाख खर्च! कर्ज और पारिवारिक विवाद से परेशान था संभव जैन, बिल्डिंग से कूदकर की आत्महत्या

editor
  • Awaaz Desk
  • October 05, 2026 08:10 AM
Major revelation in the Supernova case: ₹40 lakh spent on the treatment of his premature son! Sambhav Jain was distressed by debt and family disputes; he committed suicide by jumping from the building.

नोएडा। दिल्ली-एनसीआर की सबसे ऊंची इमारत में सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से शनिवार दोपहर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच के अनुसार गुरुग्राम के मानेसर निवासी संभव जैन लंबे समय से आर्थिक और पारिवारिक परेशानियों से जूझ रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बच्चे के इलाज में हुए भारी खर्च, कर्ज और पत्नी के साथ चल रहे तलाक के विवाद के कारण वह मानसिक तनाव में थे। पुलिस को उनके मोबाइल फोन में घटना से पहले रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो भी मिला है। थाना सेक्टर-126 के प्रभारी सुमनेश कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच और परिजनों से पूछताछ में पता चला है कि संभव की शादी वर्ष 2024 में हुई थी। वर्ष 2025 में उसके घर बेटे का जन्म हुआ, लेकिन बच्चा प्रीमैच्योर था सातवें महीने में ही पैदा हो गया था। समय से पहले जन्म लेने के कारण बच्चे को लंबे समय तक इलाज की जरूरत पड़ी। परिजनों के अनुसार, बच्चे के इलाज पर करीब 40 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और उसका उपचार पर अभी भी लाखों रुपए का खर्चा आ रहा है। पुलिस के मुताबिक, बच्चे के जन्म के कुछ महीने बाद संभव और उसकी पत्नी के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद पत्नी ने अदालत में तलाक का मुकदमा दायर किया। दोनों पक्षों के बीच सेटलमेंट हुआ था, जिसके तहत करीब 15 लाख रुपये देने की बात तय हुई थी।

पत्नी के द्वारा एक करोड़ रुपये की मांग की गई थी, लेकिन 15 लाख में सेटलमेंट हुआ। परिजनों के अनुसार, इसमें से लगभग सात लाख रुपये की पहली किस्त संभव और उसके परिवार की ओर से पत्नी को दी जा चुकी थी, जबकि दूसरी किस्त लगभग 7.50 लाख का भुगतान बाकी था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि संभव पर कुछ अन्य कर्ज भी था। फिलहाल उसका मासूम बेटा परिवार के साथ रह रहा है और परिजन ही उसकी देखभाल कर रहे हैं। थाना प्रभारी सुमनेश कुमार के अनुसार, जांच में यह बात भी सामने आई है कि संभव ने आत्महत्या से पहले अपने पिता से चैट के दौरान पिछले तीन-चार दिनों में डिप्रेशन और आत्महत्या से जुड़ी बातें कही थीं। इसके अलावा उसने घटना से पहले अपने मोबाइल फोन में एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पिता ने उसे घर भी बुलाया था कि वापस आ जाओ हम लोग सब देख लेंगे। जानकारी के मुताबिक, संभव का वजन करीब 140 किलोग्राम था। अधिक वजन के कारण उसे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी थीं, जिन्हें लेकर वह चिंतित रहता था। संभव जैन के मामले में सोशल मीडिया पर तीन करोड़ रुपये की एलिमनी दिए जाने का दावा भी प्रसारित हो रहा है। हालांकि, थाना प्रभारी सुमनेश कुमार के मुताबिक, यह दावा सही नहीं है। पुलिस के अनुसार, परिजनों से मिली जानकारी में तलाक के समझौते के तहत करीब 15 लाख रुपये की रकम सामने आई है। पुलिस परिवार से बातचीत कर रही है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। संभव अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक छोटी बहन भी है। उसके असमय निधन के बाद परिवार अब उसके प्रीमैच्योर बेटे की देखभाल कर रहा है। 

पिता ने किए थे 60 कॉल्‍स, जवाब में भेजे 80 मैसेज
शनिवार को गिरने से पहले इंजीनियर ने अपने पिता की करीब 60 कॉल पिक नहीं की थीं। इसके बाद उसने पिता को 80 से ज्‍यादा मैसेज किए। इसमें उसने कर्ज, बीमारी और जिंदगी में चल रही परेशानियों पर आपबीती बताई। इसके बाद उसने करीब दो मिनट 40 सेकंड से अधिक का वीडियो बनाया।आखिरी पल में संभव ने पिता को मैसेज भेजा कि अब कोई रुपये मांगे तो बोल देना कि वह मर गया और मोबाइल बंद कर लिया। 


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