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हरिद्वार में बड़ा हादसा: गंगा स्नान के दौरान गाजियाबाद के दो दोस्तों की डूबने से मौत, चेतावनी को नजरअंदाज करना पड़ा भारी

editor
  • Tapas Vishwas
  • April 05, 2026 12:04 PM
Major Tragedy in Haridwar: Two Friends from Ghaziabad Drown While Bathing in the Ganges; Ignoring Warnings Proves Costly

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में रविवार की सुबह एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ के दूधियावन क्षेत्र में गंगा स्नान करने आए गाजियाबाद के दो दोस्तों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। दोनों मृतक अपने परिवारों के साथ छुट्टियां बिताने हरिद्वार आए थे। इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। सूचना पाकर मौके पर पहुँची जल पुलिस और गोताखोरों की टीम ने करीब सवा घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों के शवों को बाहर निकाला।

मिली जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन निवासी बृजेश कुमार त्रिपाठी (43 वर्ष) और सचिन त्यागी (39 वर्ष) रविवार सुबह करीब 5 अप्रैल को भूपतवाला क्षेत्र के रोड़ी बेलवाला स्थित दूधियावन बीट (ठोकर नंबर एक) पर गंगा स्नान के लिए गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नहाने के दौरान दोनों अचानक तेज बहाव और गहरे पानी की चपेट में आ गए। देखते ही देखते दोनों आंखों से ओझल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी और नगर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा भारी पुलिस बल और गोताखोरों के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस और जल पुलिस की टीम ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया। उफनती गंगा और गहरे पानी के बीच गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत की। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों के शवों को बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भिजवाया, जहाँ पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वह क्षेत्र स्नान के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित और अत्यंत असुरक्षित है। प्रशासन द्वारा वहाँ स्पष्ट रूप से 'यहाँ पर स्नान करना सख्त मना है' के चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इसके बावजूद, दोनों दोस्तों ने सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर गहरे पानी में उतरने का जोखिम उठाया, जो अंततः जानलेवा साबित हुआ। पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है और मामले की जांच शुरू कर दी है। हरिद्वार पुलिस ने एक बार फिर स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से पुरजोर अपील की है कि वे केवल सुरक्षित और निर्धारित घाटों (जैसे हर की पैड़ी) पर ही स्नान करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि गंगा की लहरें जितनी शांत दिखती हैं, उनके नीचे का बहाव उतना ही खतरनाक हो सकता है। किसी भी चेतावनी संकेत की अनदेखी करना जीवन के लिए भारी पड़ सकता है।


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