एनसीईआरटी नकली किताबों का बड़ा गोरखधंधा, एसआईटी जांच तेज, मुख्य आरोपियों संदीप-शाहरूख के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की तैयारी
रुद्रपुर। एनसीईआरटी की नकली किताबों के संगठित रैकेट का खुलासा होने के बाद विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस अब इस मामले के मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड बताए जा रहे संदीप तथा शाहरूख की गिरफ्तारी के लिए सख्त कदम उठाने जा रही है। दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिसके चलते एसआईटी उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्लू) जारी कराने की तैयारी में है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, एक-दो दिन के अंदर न्यायालय में एनबीडब्लू के लिए आवेदन दाखिल किया जाएगा। इस पूरे फर्जीवाड़े में अब तक सामने आए तथ्यों से स्पष्ट हो चुका है कि यह कोई मामूली घटना नहीं, बल्कि एक बड़े और संगठित नेटवर्क के तहत चलाया जा रहा गंभीर अपराध है। मामला तब सामने आया जब रुद्रपुर में एक गोदाम से एनसीईआरटी की नकली किताबों की बड़ी खेप बरामद की गई। एनसीईआरटी के सहायक उत्पादन अधिकारी की शिकायत पर गोदाम मालिक राजेश कुमार जैन, संचालक संदीप और शाहरूख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसआईटी को सौंप दी गई।
एसआईटी अब हर दिन नए सुराग जुटा रही है। जांच के दौरान हरियाणा के दो स्थानों के अलावा दिल्ली और बिहार में भी आरोपियों की संभावित लोकेशन सामने आई है। इन ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है, लेकिन मुख्य आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस की तीन अलग-अलग टीमें फरार आरोपियों की तलाश में लगी हुई हैं। हिरासत में लिए गए दो अन्य संदिग्धों से एक्सपर्ट टीम लगातार पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, जो पूरे नेटवर्क को उजागर करने में मददगार साबित हो सकते हैं। हालांकि, जांच की गोपनीयता बनाए रखते हुए पुलिस ने इन सुरागों का खुलासा करने से इनकार कर दिया है। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। यदि आरोपी पकड़ में नहीं आए तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर कानूनी दबाव बढ़ाया जाएगा।यह मामला शिक्षा क्षेत्र में फर्जीवाड़े की गंभीर समस्या को उजागर करता है। नकली किताबें न सिर्फ छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं, बल्कि इससे मूल किताबों की विश्वसनीयता और बाजार पर भी बुरा असर पड़ रहा है। एसआईटी की जांच में अब और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।