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उत्तराखण्ड में मानसून का कहर: अगले 24 घंटे को लेकर रेड अलर्ट! 10 जुलाई को कई जिलों में सभी स्कूल रहेंगे बंद, 195 सड़कें बाधित

editor
  • Awaaz Desk
  • July 09, 2026 02:07 PM
Monsoon havoc in Uttarakhand: Red alert issued for the next 24 hours! Schools in several districts to remain closed on July 10; 195 roads blocked.

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक मानसून का असर साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अगले 24 घंटे को बेहद संवेदनशील बताते हुए प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार, 10 जुलाई को हरिद्वार, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, देहरादून और पौड़ी गढ़वाल जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी, गैर सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। बता दें कि प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड में औसतन 52.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि कई स्थानों पर इससे कहीं अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक 206 मिलीमीटर वर्षा काशीपुर में दर्ज की गई, जिसने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया। कई क्षेत्रों में जलभराव, सड़कें टूटने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और नदी-नालों के उफान पर आने की घटनाएं सामने आई हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अपने ‘सचेत’ एप के माध्यम से उत्तराखंड के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी में कहा गया है कि अगले 24 घंटों के दौरान देहरादून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है। इसके चलते संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, अचानक जलभराव, मलबा आने और छोटे नालों के उफान पर आने का खतरा बना हुआ है। बारिश का सबसे अधिक असर प्रदेश की सड़क व्यवस्था पर पड़ा है। राज्यभर में 195 सड़कें बंद होने की सूचना है। इनमें कई प्रमुख ग्रामीण संपर्क मार्ग और पर्वतीय सड़कें शामिल हैं। सड़कें बंद होने से अनेक गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क टूट गया है। कई जिलों में बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। तेज बारिश और भूस्खलन के कारण बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों और कस्बों में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है।


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