वियतनाम के फू क्वोक द्वीप पर मातम: भारतीय पर्यटकों से भरी नाव पलटने से 15 लोगों की मौत, 21 की बची जान! पीड़ित परिवारों की मदद में जुटा भारतीय दूतावास
नई दिल्ली। वियतनाम के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार को भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक नाव के समुद्र में पलट जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन ने तत्काल बड़े स्तर पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास सक्रिय हो गया। दूतावास ने स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राहत कार्यों की निगरानी शुरू कर दी है। साथ ही पीड़ितों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में विशेष इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हादसे के समय नाव में कुल 36 लोग सवार थे। इनमें 32 भारतीय पर्यटक, तीन क्रू मेंबर और एक अटेंडेंट शामिल थे। नाव पर्यटन स्थल होन मे रुट द्वीप से लौटकर एन थोई पोर्ट की ओर जा रही थी। यात्रा के दौरान तट से लगभग 400 मीटर की दूरी पर अचानक नाव समुद्र में पलट गई। हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की जान चली गई, जबकि शेष यात्रियों को समय रहते बचा लिया गया। कई घायलों का स्थानीय अस्पतालों में उपचार चल रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे के समय समुद्र में तेज लहरें उठ रही थीं। अधिकारियों का मानना है कि समुद्र की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण नाव असंतुलित होकर पलट गई। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के समय बारिश नहीं हो रही थी, लेकिन समुद्र काफी उग्र था, जिससे नाव को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। हादसे के बाद वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शोक व्यक्त करते हुए बताया कि भारतीय नागरिकों से जुड़ी इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही दूतावास ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क स्थापित कर लिया है। दूतावास ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और हादसे के संबंध में हर अपडेट पर नजर रखी जा रही है। पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। भारतीय दूतावास ने प्रभावित परिवारों और संबंधित लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन सेवाएं भी शुरू की हैं। हनोई और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावासों में नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं, जहां से हादसे से जुड़ी जानकारी और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। दूतावास ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जानकारी या सहायता की आवश्यकता होने पर आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें।
बचाव अभियान में आईं कई चुनौतियां
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद अन्य पर्यटक नौकाएं सहायता के लिए घटनास्थल पर पहुंच गईं। बचाव कार्य में शामिल एक नाव संचालक ने बताया कि उनकी टीम करीब पांच मिनट के भीतर दुर्घटनास्थल पर पहुंच गई थी। हालांकि राहत अभियान आसान नहीं था। कई पर्यटक नाव के पलटने के बाद उसके अंदर फंस गए थे, जिससे उन्हें बाहर निकालने में काफी कठिनाई हुई। सीमित समय और समुद्र की खराब परिस्थितियों के कारण कई लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
भारतीय पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है फू क्वोक
फू क्वोक वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप है और पिछले कुछ वर्षों में यह भारतीय पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है। सुंदर समुद्री तट, वॉटर स्पोर्ट्स, लक्जरी रिसॉर्ट और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में भारतीय यहां छुट्टियां मनाने पहुंचते हैं। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 की पहली छमाही में फू क्वोक में लगभग 57 लाख पर्यटक पहुंचे, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 30 प्रतिशत अधिक हैं। इसी अवधि में 13.2 लाख विदेशी पर्यटक यहां पहुंचे, जिनमें भारतीय पर्यटकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने वियतनाम के समुद्री पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब मौसम के दौरान पर्यटक नौकाओं के संचालन के लिए अधिक सख्त सुरक्षा मानकों की आवश्यकता है। यह भी जांच का विषय है कि क्या नाव में सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था, यात्रियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं, और मौसम की परिस्थितियों का सही आकलन किया गया था या नहीं। स्थानीय प्रशासन ने दुर्घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच में मौसम की स्थिति, नाव की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा इंतजाम और संचालन संबंधी सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।