नैनीतालः नवरात्रि पर मां नयना देवी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब! माता रानी के जयकारों से गूंजा नगर
नैनीताल। देश भर में 51 शक्तिपीठ हैं और इन्ही में से एक है नैनीताल की नयना मां। कहा जाता है की जो भी भक्त मां नयना के दरबार में सच्चे मन से आता है उसकी मनोकामना पूर्ण होती है। यही कारण है की यहां ना सिर्फ स्थानीय लोगों की आस्था है, बल्कि साल भर देश-विदेश के सैलीनी भी यहां मत्था टेकने पहुंचते हैं। इन दिनों नैनीताल में शारदीय नवरात्रों की धूम है, सुबह से ही नयना देवी में स्थानीय लोगों के साथ सैलानी भी मां नयना की पूजा-अर्चना करने पहुंच रहे हैं। नयना देवी देश के 51 शक्तिपीठों में शुमार है। कहा जाता है की राजा दक्क्ष ने जब अपने घर में यज्ञ करवाया तो अपनी बेटी सती व दामाद शिव को इसका न्यौता नही दिया, गुस्से में आकर मां सती अपने पिता के घर गई और पिता से कहासुनी होने पर हवन कुण्ड में अपने प्राणों की आहूति दे दी। जब शिव सती के जले शरीर को लेकर आकाश मार्ग से गुजर रहे थे तो नैनीताल में मां सती की बायी आंख गिरी, तभी से ही मां नयना की पूजा यहां की जाती है। इसके साथ ही जहां मां का जो अंग गिरा उसकी पूजा उसी जगह की जाती है। मां सती के आंख के यहां गिरने से ही यहां का नाम भी नैनीताल पडा। यही कारण है की झील की आकृति भी आंख की तरह से ही बनी है। मां नयना के प्रति अपार आस्था जुड़ी होने के साथ लोगों की मनोकामना भी पूरी होती है।