नैनीताल ब्रेकिंग : सरकारी उपेक्षा से त्रस्त बेरोजगार युवक ने दी आत्मदाह की चेतावनी !
सरकार ने कोरोना काल में विभिन्न प्रांतों से घर लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार से जोड़ने के दावे तो खूब किए लेकिन घर वापसी कर चुके कई युवक आज भी बेरोजगारी की मार से डिप्रेशन में है। कुटीर उद्योग स्थापित कर चुके ऐसे ही एक युवक को आज तक स्वीकृत ऋण नहीं मिल पाया। युवक ने सीएम से लेकर डीएम तक स्वीकृत ऋण दिलाने की मांग की लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा। कर्ज के बोझ से दबे इस युवक ने अब सरकारी उपेक्षा से क्षुब्ध होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच कर आत्मदाह की चेतावनी दी है। युवक ने बताया कि 23 मार्च 2018 को उद्योग नीति 2017-18 के तहत एमएसएमई योजना के तहत नमकीन और कुरकुरे का प्लांट लगाने के लिए जिला उद्योग केंद्र से उनका 92.50 लाख का ऋण स्वीकृत हुआ था। बैंकों के चक्कर काटने के बाद भी उन्हें आज तक ऋण की धनराशि नहीं मिली है, जबकि जिला उद्योग विभाग ने मार्जन मनी के रूप में उनके 17 लाख रुपये फैक्टरी लगाने में लगा दिए जो उन्होंने अपने रिश्तेदारों, परिचितों और सहयोगियों से उधार लिए हैं। युवक हेम तिवारी ने बताया कि उन्होंने बेतालघाट के साथ गदरपुर में भी एक प्लांट लगाया। हेम तिवारी का कहना है कि पिछले दो साल में वह कर्ज के बोझ से बुरी तरह दब चुके हैं। उन्होंने सरकार, प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों पर स्वरोजगार के नाम पर युवाओं के शोषण का आरोप लगाते हुए उन्होंने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
वही मामले का संज्ञान लेते हुए एडीएम ने बताया हेम तिवारी का लोन ओवरसीज बैंक ने लोन रिजेक्ट कर दिया था जिसकी सूचना हेम तिवारी को दे दी गई थी। ओवरसीज बैंक का कहना है कि 9 लाख ₹ का लोन समय पर चुकता नही करने की वजह से उनका 70 लाख का लोन निरस्त किया गया है। उन्होंने कहा आज डीएलएम को बुलाया गया था लेकिन छुट्टी में होने के वजह से सोमवार को वार्ता कर हेम तिवारी को लोनिंग कराने का प्रयास किया जाएगा।