नैनीतालः सड़क हादसे में ड्राइवर की मौत का मामला! मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अभियुक्त को किया दोषमुक्त, अधिवक्ताओं की सशक्त पैरवी ने दिलाया न्याय
नैनीताल। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नैनीताल रवि प्रकाश ने बुधवार को भा. द. सं. 279 व 304ए के मामले में फैसला सुनाया, जिसमें उन्होंने साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त कमलेश मेहता को दोषमुक्त करार दिया। इस दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय के समक्ष छः गवाह प्रस्तुत किये गये। साक्ष्य समाप्त होने के पश्चात् विगत 27 जून 2024 को दोनों पक्षों की बहस हुई जिसमें अभियोजन की ओर से अभियुक्त द्वारा अपराध कारित करने पर बल दिया गया, किन्तु बचाव पक्ष के अधिवक्ता मो. खुर्शीद हुसैन व आज़ाद ख़ान द्वारा ये तर्क दिया गया कि घटना का कोई चश्मदीद, मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। जिससे ये साबित होता है कि अभियुक्त ही घटना वाले दिन तेज़ी व लापरवाही से वाहन चला रहा हो, जिस कारण ही दूसरे ट्रक ड्राइवर की मृत्यु हुई हो। बचाव में ये भी कहा गया कि मृतक के वाहन के दोनों टायर के टेक्निकल मुआयना में पंचर पाए गये थे। हो सकता है मृतक की गलती से ही दुर्घटना हुई हो और उसकी मृत्यु हुई हो। इस प्रकार अभियोजन की ओर से कोई ठोस साक्ष्य न प्रस्तुत करने पर रवि प्रकाश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नैनीताल ने अभियुक्त कमलेश मेहता को दोषमुक्त करार दिया। बता दें कि 29 जनवरी 2020 की रात्रि को ड्राइवर कमलेश सिंह अपने ट्रक सं. यूके 04 सीबी 3170 को हल्द्वानी से लेकर पिथौरागढ़ जा रहा था, जो गरमपानी से आगे नावली के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें ड्राइवर कैलाश सिंह की मृत्यु हो गयी थी, जिसमें कमलेश मेहता को आरोपी बनाया गया था।
