नैनीताल:प्रशासन और पुलिस बने गांधारी,जनता का बिना मास्क काटते है चालान, राजनीतिक दलों पर हैं मेहरबान
उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हर रोज कोरोना संक्रमितों के केस निकल रहे है लेकिन शासन प्रशासन के मुताबिक राज्य में कोरोना नाम का कोई संक्रमण अब बचा ही नही है और अगर बचा भी है तो केवल आम जनता के लिए। राजनीतिक दलों के लोगो को बिना मास्क बिना सामाजिक दूरी के देखकर तो यही लगता है। हर आप किसी राजनीतिक दल में शामिल है तो बेफिक्र होकर बिना मास्क के आप कही भी आ जा सकते है,और वही अगर आप किसी दल के नही है केवल आम आदमी है तो सावधान रहिये पुलिस की तिरछी निगाहें आप ही को तलाश रही है। पुलिस मौके की तलाश में है कि कोई तो बिना दल बिना मास्क के दिखे तो उसका चालान काटा जाएं।
उत्तराखंड में जगह जगह यही हो रहा है।अपनी राजनीतिक चुनावी प्रचार प्रसार में पार्टियों के लोग इस कदर जूटे हुए है कि उन्हें कोरोना का भय तक नहीं नजर नहीं आ रहा है और इन पार्टियों के लोग स्वयं के साथ साथ आम जनता के लिए भी कोरोना का खतरा पैदा कर रहें है।
भाजपा,कांग्रेस, आम आदमी पार्टी द्वारा अपनी अपनी चुनावी प्रचार में खुलेआम कोविड नियमों की धज्जियां उड़ाई। इस दौरान लोगों के बीच न तो समाजिक दूरी का पालन किया जा रहा था न ही किसी कार्यकर्ता ने मास्क पहना था। ऐसा माहौल देखकर जाहिर है यही लगेगा कि कोविड की गाइडलाइन सिर्फ आमजन के लिए ही बनाई गई है।
ये तस्वीरे नैनीताल की है जहां यूँ तो पुलिस द्वारा नैनीताल आने वाले पर्यटको व आमजन के बिना मास्क के चालन काटे जाते है लेकिन राजनीतिक पार्टी के इन नेताओं व कार्यकर्ताओं के लिए शायद कोरोना नाम की कोई महामारी है ही नही। यह सिर्फ पर्यटकों व आमजन के लिए है। पुलिस भी शायद राजनीतिक पार्टी के लोगों के चालान काटने से डर रही है या यूं कहा जाए कि प्रचार में स्वयं पुलिस भी शामिल है?