नैनीताल:कड़कड़ाती ठंड में घोड़ो को दी जा रही है अतिरिक्त खुराक,ठंड से निजात दिलाने के लिए कभी ब्रिटिश पिलाते थे घोड़ो को रम
सरोवर नगरी नैनीताल में तापमान नीचे गिरने से ठंड बढ़ गयी है कल देर रात हुई बर्फ़बारी से इंसान ही नहीं जानवर भी ठंड की चपेट में आ गए है। बारापत्थर घोड़ा स्टैंड में घोड़ों को ठंड से बचाने के लिए गर्म तासीर का भोजन जैसे गुड़, अजवाइन, सरसो के तेल की अतिरिक्त खुराक दी जा रही है।इसके अलावा उन्हें ठंड से बचाने के लिए कंबल ओढ़ाकर उनके पैरों में गर्म पट्टी भी बांधी जा रही है।
आपको बता दें कि नैनीताल में पालिका द्वारा 94 घोड़ो के लिए ही लाइसेंस दिए गए है। घोड़ा चालक सेवा समिति के अध्यक्ष मो उमर ने मीडिया को बताया कि बर्फबारी होने से तापमान एकदम नीचे आ गया और ठंड में इजाफा हो गया। घोड़ो को इस कड़कड़ाती ठंड से बचाने के लिए उन्हें हम गर्म तासीर के भोजन दे रहे है। घोड़ो की खुराक में प्रतिदिन एक किलो गुड़,एक किलो चना,250 ग्राम सरसो के तेल में चोकर मिलाकर चारे में,100 ग्राम अजवाइन, इत्यादि दिया जा रहा है। इसके अलावा घोड़ो के पैरों में गर्म पट्टी बांधी जा रही है। जाड़ो में कड़कड़ाती ठंड से बचाने के लिए प्रत्येक घोड़े को प्रतिदिन 300 रुपये की अतिरिक्त खुराक दी जा रही है। घोड़ा चालकों ने बताया कि ब्रिटिशर्स घोड़ाें को रम पिलाकर उन्हें ठंड से दूर रखते थे। घोड़ो के लिए अभी पालिका द्वारा शेल्टर की व्यवस्था नही की गई है। बारिश और ठंड के मौसम में शेल्टर न होने की वजह से खासी दिक्कत झेलनी पड़ती है। उन्होंने जिला प्रशासन से भी टिफिन टॉप लैंसडाउन में घोड़ो के लिए शेल्टर बनाने की मांग की है।
गौरतलब है कि नैनीताल में सदियों पहले घोड़ा स्टैंड स्टेट बैंक के सामने और नगर पालिका के ठीक पीछे हुआ करता था। 2001 में हाईकोर्ट के आदेशों के बाद घोड़ा स्टैंड बारापत्थर शिफ्ट कर दिया गया था।यहाँ फ़िलहाल 94 घोड़ो के लिए लाइसेंस स्वीकृत किये गए है जबकि स्टैंड केवल 50 ही है।