नैनीताल: कूटा ने कुमाऊं विश्वविद्यालय में शिक्षा मंत्री को प्राध्यापको की समस्याओं के समाधान के लिए दिया ज्ञापन, संविदा प्राध्यापकों का वेतन 50,000 करने की मांग दोहराई
नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय,शिक्षक संघ ,नैनीताल (कूटा) ने कुमाऊं विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा मंत्री उत्तराखंड सरकार डॉ0धन सिंह रावत को प्राध्यापको की समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन दिया। ज्ञापन में संविदा प्राध्यापकों का वेतन 50,000 करने की मांग दोहराई है और कहा कि ये यूजीसी नियमानुसार है।
कूटा ने स्पष्ट किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय में संविदा प्राध्यापक को यूजीसी नियमानुसार 50 हजार वेतन दिया जा रहा है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 57700 रुपया निर्धारित किया गया है। कूटा ने इस प्रकरण को कैबिनेट में रखने की मांग भी की है। साथ ही कहा कि इन प्राध्यापकों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अनुसार वेतन दिया जाए। कूटा ने ये भी कहा कि वर्षों से कार्यरत संविदा एवं अतिथि प्राध्यापकों को तदर्थ नियुक्ति देने के लिए नियमावली बनाई जाय। कूटा ने कैबिनेट मंत्री के अतिरिक्त अपर सचिव उच्च शिक्षा प्रशांत कुमार आर्य से भी शिष्टाचार भेट की और निवेदन किया कि संविदा शिक्षक को सम्मानजनक मानदेय दिया जाय जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने निर्धारित किया है। कूटा ने शोध छात्रा को 30000 प्रतिवर्ष देने का आग्रह भी किया। प्राध्यापकों तथा कर्मचारियों के लिए आवास निर्माण के लिए 2करोड़ की धनराशि निर्गत करें और पुरानी पेंशन योजना अन्य राज्यों की तरह यहां भी लागू की जाए।
ज्ञापन देने वालों में कूटा की तरफ से प्रो.ललित तिवारी अध्यक्ष , डॉ.नीलू लोधियाल उपाध्यक्ष, डॉ.विजय कुमार महासचिव, डॉ.संतोष कुमार उपसचिव, डॉ.दीपिका गोस्वामी, डॉ.सीमा चौहान, डॉ.दीपक कुमार, डॉ.दीपाक्षी जोशी, डॉ.उमंग सैनी, डॉ.अनिल बिष्ट इत्यादि मौजूद रहे।