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नैनीताल:भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत की जयंती पर रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने दी श्रद्धांजलि!कहा गोविंद बल्लभ पंत पहाड़ की तरह थे अटल,धीर,गंभीर!हर बच्चे को उनके इतिहास को पढ़ना चाहिए

editor
  • Kanchan Verma
  • September 10, 2022 11:09 AM
Nainital: Minister of State for Defense and Tourism Ajay Bhatt paid tribute on the birth anniversary of Bharat Ratna Govind Ballabh Pant! Said Govind Ballabh Pant was like a mountain Atal, Dhir, Gambhir! Every child should read his history

भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 135 वीं जयंती नैनीताल  के पंत पार्क में धूमधाम के साथ मनाई गयी। रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट,नैनीताल विधायक सरिता आर्या समेत तमाम लोगों ने उनके आज श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए गोविंद बल्लभ पंत के बताये मार्ग पर चलने का आहवान किया। इस अवसर पर विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत भी किये ।

 

इस दौरान रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी जान की परवाह किए बगैर अंग्रेजों के जुल्म को अपने शरीर पर सहते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गोविंद बल्लभ पंत ने अंग्रेजों से देश को आजाद कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। गोविंद बल्लभ पंत उत्तराखंड के पहले और इकलौते स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे जिन्हें भारत रत्न मिला।

अजय भट्ट ने स्कूली बच्चों को कहा कि गोविंद बल्लभ पंत के बारे में हर बच्चे को पढ़ना चाहिए,उन्होंने कहा कि आज से पितृ पक्ष भी शुरू हो गया है जिसे हम श्राद्ध कहते है यानी पितरों को श्रद्धांजलि देने का समय,लाख कमा लो हीरा मोती याद रखना कफ़न में जेब नही होती,कोई कितना भी विद्वान क्यो न हो,धनवान क्यो न हो, खूबसूरत क्यो न हो लेकिन एक दिन इस संसार से जाना ही पड़ेगा। जब हम गुजरे हुए सालो को देखेंगे तो सोचेंगे कि अरे इतने सालों हमने क्या किया,समाज के लिए क्या किया?कुछ विशेष रत्न होते है जिनको पूर्वाभास हो जाता है और वो समाज के लिए दिन रात काम करते है ,अपना परिवार भी संभालते है और समाज के प्रति अपना दायित्व भी संभालते है।ऐसेलोग समाज को प्रेरणा भी देते है कि अच्छा काम करना है,अच्छे संस्कार देते है। और अच्छे काम करते करते वो जब आगे बढ़ते है तब समाज उन्हें स्वीकार करता है। ऐसे ही एक उदाहरण थे गोविंद बल्लभ पंत, जो कुशाग्र बुद्धि के व्यक्ति थे,उन्हें कोई भय नही था,बेहद धीर गम्भीर थे,पहाड़ की तरह अटल थे।

उन्होंने कहा कि गोविंद बल्लभ पंत ने उत्तराखंड में भूमि को लेकर जो कार्य किए वो आज भी याद किये जाते है। भूमि का बंदोबस्त कैसे होगा,कितनी भूमि रखने का आदेश होगा, 229बी अगर किसी पर कब्जा चढ़ेगा तो कब तक आपको कब्जे की टाइटल मिल सकेगी,नजूल क्या होगा,पट्टे का स्वरूप क्या होगा इत्यादि हर छोटी बड़ी बात को लेकर उन्होंने बकायदा कमेटी बनाई और रात दिन काम करके भूमि कानून बनाया।

उन्होंने कहा कि नैनीताल में नैनीताल बैंक की स्थापना में भी गोविंद बल्लभ पंत का बहुत बड़ा हाथ रहा है।उन्होंने स्वतंत्रता पहले नैनीताल में क्या परिस्थितियां रही उनका भी ज़िक्र करते हुए कहा कि यहां अंग्रेज हिंदुस्तानियों पर अत्याचार करते थे,अंग्रेज किस तरह मारते थे महिलाओं के साथ अत्याचार करते थे ये सब इतिहास बच्चों को पढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि गोविंद बल्लभ पंत जैसे स्वतंत्रता सेनानी अंग्रेजों को मुँह पर कहते थे कि "गाली गोली जब भी जेल,जालिम का है अंतिम खेल" वंदे मातरम।

पंत पार्क में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य संयोजक पूरन मेहरा एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा भारत रत्न गोविन्द बल्लभ पन्त जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पन्त जी युगों-युगों तक देशवासियों के प्रेरणा स्त्रोत रहेंगे जिन्होंने विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए अपने, हौंसले, व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बल पर भारतरत्न तक का सफर तय किया। हमें पन्त जी के आदर्शों को अपनाते हुए निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र एवं समाज की सेवा के लिए तत्पर रहना होगा। पन्त जी की उपलब्धियॉ देश व प्रदेश के चारों दिशाओं में प्रदर्शित होती है। उनकी दूर दृष्टि के परिणाम स्वरूप ही खाद्यान्न के क्षेत्र में देश को आत्म निर्भर बनाने वाली जीबी पन्त यूनीवर्सिटी की स्थापना हुई। उन्होंने अपने व्यक्तित्व के आधार पर ही महानता को प्राप्त किया। हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाते हुए प्रदेश व देश का नाम रोशन कर सकते हैं। 

समाज के उत्थान एवं समाज सेवा में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले प्रो0 अजय रावत, वरिष्ठ पत्रकार चन्द्रेक बिष्ट, डॉ सुशील कुमार पंत, नवीन टम्टा, कमला जोशी, विजय थापा, डॉ महेन्द्र पाल सिंह के अलावा दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षा के क्षेत्र में टॉपर किये हुए छात्र-छात्राओं को पुरस्कर देकर सम्मानित किया गया। सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग के सौजन्य से सांस्कृत कार्यक्रम की भी प्रस्तुत दी गई। कार्यक्रम का संचालन हेमन्त बिष्ट द्वारा किया गया। 

 

 

 

 

 


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