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नैनीतालः जरक के पत्ते खाने के बाद बीमार हुए लोगों को अस्पताल से मिली छुट्टी! परिजनों ने ली राहत की सांस

editor
  • Awaaz Desk
  • August 23, 2026 01:08 PM
Nainital: People who fell ill after eating 'Jarak' leaves discharged from hospital; families heave a sigh of relief.

नैनीताल। नैनीताल में ‘जरक’ (फाइटोलेका एसीनोसा) के पत्तों से बने पकोड़े खाना एक परिवार के नौ लोगों को भारी पड़ गया। पकोड़े खाने के करीब आधे घंटे बाद सभी की तबीयत बिगड़ गई। सिर घूमने के साथ ही सभी अजीबोगरीब हरकतें करने लगे। आनन-फानन में सभी को बीडी पांडे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद रविवार को सभी को स्वस्थ हालत में डिस्चार्ज कर दिया गया। नैनीताल के बिड़ला चुंगी मार्ग स्थित लेक व्यू क्षेत्र का है। शनिवार दोपहर महेश चंद्र के घर जन्मदिन की पार्टी चल रही थी। पार्टी में स्थानीय पत्तों जरक से बने पकोड़े परोसे गए। पकोड़े खाने के करीब आधे घंटे बाद नौ लोगों को चक्कर आने लगे और उनकी हालत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होती देख परिजनों ने डॉक्टरों से संपर्क किया। अस्पताल से एंबुलेंस मौके पर पहुंची और इसके बाद परिवार के अन्य लोगों द्वारा आनन-फानन में जिला चिकित्सालय लाया गया। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि मरीजों ने पूछताछ में जरक के पकौड़े खाने की बात कही थी। जांच के बाद पता चला कि उन्होंने भूलवश जंगली नशीले पौधे का सेवन कर लिया था। फिलहाल घटना के करीब आठ घंटे बाद रात 11 बजे कुछ युवाओं और कम मात्रा में पकोड़े खाने वाले लोगों की हालत में सुधार दिखाई देने लगा। डॉक्टरों ने सभी को रातभर निगरानी में रखने की सलाह दी। रविवार को सभी की हालत में सुधार होने के बाद डॉक्टरों ने एक-एक कर सभी नौ मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि जंगली सब्जियों और पौधों की सही पहचान किए बिना उनका सेवन न करें। जरक की पहचान, फाइटोलेका ऐसिनोसा पौधे के रूप में हुई है। कुमाऊं विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान के प्रो. ललित तिवारी ने बताया कि इसमें सैपोनिन और एल्केलॉइड जैसे विषैले तत्व पाए जाते हैं, जो इंसानों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। स्थानीय स्तर पर इसकी कोमल पत्तियों को उबालकर पकौड़ी बनाने की परंपरा है, लेकिन गलत पहचान या पर्याप्त प्रसंस्करण न होने पर विषाक्तता हो सकती है। बरसात के मौसम में बल्दियाखान और कैंची क्षेत्र के जंगलों में यह पौधा मिलता है और स्थानीय लोग इसकी पत्तियों का उपयोग करते हैं। 


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