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नैनीताल: एनएच 74 घोटाले के दस आरोपियों की याचिका हुई निरस्त! न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकलपीठ ने निचली अदालत के आदेश को सही ठहराया

editor
  • Awaaz24x7 Team
  • May 04, 2023 12:05 PM
Nainital: Petition of 10 accused in NH 74 scam rejected! Single bench of Justice Ravindra Maithani upheld the lower court's order

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एनएच 74 घोटाले के दस आरोपियों की याचिका को निरस्त कर दिया है। आरोपियों ने निचली कोर्ट के उस आदेश के चुनौती दी थी, जिसमें कोर्ट ने ईडी को सभी के खिलाफ अलग-अलग मुकदमा दर्ज करने को कहा था। न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकलपीठ ने निचली अदालत के आदेश को सही ठहराया। पूर्व में 24 अप्रैल को सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था।

मामले के अनुसार डीपी सिंह, अर्पण कुमार, संजय कुमार चौहान, विकास कुमार, भोले लाल, भगत सिंह फोनिया, मदन मोहन पलड़िया, बरिंदर सिंह, बलवंत सिंह, रमेश कुमार व ओम प्रकाश ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। इसमें उन्होंने निचली अदालत के 28 अप्रैल 2022 के आदेश को चुनौती दी थी। आदेश में निचली अदालत ने ईडी को सभी आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग शिकायतों के आधार पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज करने को कहा था। इसके बाद ईडी ने सभी आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए थे।

याचिकाओं में कहा गया कि यह आदेश गलत है। पहले के मुकदमे को वापस नहीं लिया जा सकता। घोटाले में आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग शिकायतें दर्ज हैं। किसी के खिलाफ एक तो किसी के खिलाफ दो या तीन मुकदमे हैं। डीपी सिंह के खिलाफ सात शिकायतें दर्ज हैं। अगर वे एक केस में उपस्थित नहीं होने का प्रार्थनापत्र देते हैं तो उन्हें अन्य छह केसों में भी प्रार्थनापत्र देना पड़ेगा। नहीं देने पर उनके खिलाफ कुछ भी आदेश हो सकता है। इसलिए इस आदेश को निरस्त किया जाए। सभी शिकायतों को एक ही मुकदमे में सुना जाय। एनएच-74 घोटाले में एसआईटी ने 2011 में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की पुष्टि साल 2017 में की थी। जिसमें कई अधिकारी, कर्मचारी व किसान शामिल थे। जिन्होंने किसानों की कृषि योग्य भूमि को अकृषि दिखाकर मुआवजे में घोटाला किया। 1 मार्च 2017 को तत्कालीन आयुक्त सेंथिल पांडियन ने मामले में घोटाले की आंशका जताई थी। मामले में दो आईएएस अधिकारियों को भी निलंबित किया गया था। पर बाद में सरकार ने उन्हें बहाल कर दिया था।


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