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नैनीताल:बुजुर्ग की निजी ज़मीन पर प्राधिकरण ने स्वीकृत कर दिया बिल्डर के भवन का मानचित्र!

editor
  • Kanchan Verma
  • January 19, 2022 10:01 AM
Nainital: The authority has approved the builder's building map on the private land of the elderly.

सरोवर नगरी नैनीताल को बचाने के लिए बनाया गया झील विकास प्राधिकरण अवैध कंस्ट्रक्शन पर महज़ खानपूर्ति करता है जब मीडिया ख़बर के माध्यम से आवाज़ उठाती है तो झील विकास प्राधिकरण कुछ अवैध कंस्ट्रक्शन को सीज़ कर देता है और मीडिया में हीरो बन जाता है लेकिन कुछ ही महीने बाद उसी सीज़ की हुई जगह पर पक्का निर्माण हो जाता है। ऐसे तमाम अवैध निर्माण के अलावा आज एक ऐसा मामला सामने आया है जिसकी वजह से झील विकास प्राधिकरण संदेह के दायरे में आ खड़ा हुआ है। नैनीताल के समीप भवाली निवासी एक बुजुर्ग ने मंगलवार को तल्लीताल में गांधी मूर्ति के समीप प्राधिकरण और प्रशासन के खिलाफ धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरण ने बगैर जांच पड़ताल के एक बिल्डर को उनकी भूमि पर मकान बनाने की स्वीकृति दी है। बुजुर्ग का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी प्राधिकरण ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। धरने पर बैठे भवाली स्थित नैनीबैंड निवासी रविंद्र कुमार साहनी ने बताया कि वर्ष 2019 में प्राधिकरण ने उनकी निजी भूमि पर एक बिल्डर का भवन मानचित्र स्वीकृत कर दिया। अगस्त 2021 में जब बिल्डर ने उनकी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू किया तब उन्होंने इसका विरोध किया और न्यायालय में वाद भी दायर किया। साहनी ने बताया कि न्यायालय ने निर्माण कार्य पर रोक लगाने के आदेश दिए, लेकिन बिल्डर ने इसके बाद भी निर्माण कार्य नहीं रोका। बुजुर्ग का कहना है कि बार बार शिकायत करने के बाद भी जब प्राधिकरण ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने पिछले साल दिसंबर में प्राधिकरण कार्यालय के बाहर भी धरना दिया था। तब प्राधिकरण सचिव पंकज उपाध्याय ने राजस्व अधिकारियों को को तीन दिन के भीतर मामले की जांच करने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। तीन हफ्ते बीतने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।
मामले की शिकायत कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत से की। आयुक्त ने भी राजस्व अधिकारियों को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। एक महीने बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब तक उनके साथ न्याय नहीं होता तब तक वह अपनी मांग को लेकर इसी तरह धरना देते रहेंगे।

वहीं इस मामले में प्राधिकरण के कहना है कि उक्त विवादित स्थल पर निर्धारित समय पर वादी की ओर से कोई नही पहुंचा, एक महिला आयी और मौका मुआयना के दौरान वहां उपस्थित थी,लेकिन उसने भी हस्ताक्षर नही किये,जिसके बाद विवादित स्थल का मुआयना करने के पश्चात ही कच्चा नक्शा बनाया गया।


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