नैनीतालः जब बीच चौराहे पर महिला पुलिस कर्मी ने उच्चाधिकारी पर लगाया उत्पीड़न का आरोप! वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप, दूसरा वीडियो संदेश जारी कर दी सफाई
नैनीताल। यूं तो उत्तराखण्ड पुलिस में आए दिन उच्चाधिकारियों और कर्मचारियों के बीच आपसी मनमुटाव की खबरें सामने आती रहती हैं लेकिन नैनीताल जिले में पहली बार पुलिस के आपसी मनमुटाव का मामला चौराहे पर देखने को मिला। इसको लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें एक महिला पुलिस कर्मी अपने उच्चाधिकारी पर उत्पीड़न का आरोप लगा रही है।
हांलाकि बाद में उसी महिला पुलिस कर्मी द्वारा दूसरा वीडियो संदेश जारी कर कहा गया कि वह अपनी समस्या बता रही थी जिसे गलत वायरल किया गया। उधर इस मामले में एसएसपी नैनीताल का कहना है कि मामले की जांच सीओ को सौंपी गयी है।
वीडियो में महिला अपने उच्चाधिकारी से कह रही है कि आपने मुझे नाजायज और मानसिक रूप से परेशान किया है क्यों किया इसका जवाब दीजिए। महिला पुलिसकर्मी यह भी कह रही है कि अगर आप सही थे तो भागे क्यों? सामने कहते हैं कि पार्वती तेरी ये लापरवाही थी। क्या लापरवाही की हैं मैने ड्यूटी में? आज मुझे 16 साल हो गए ड्यूटी करते-करते। पार्वती नाम की यह महिला पुलिस कर्मी अपने सर पर हाथ मारते हुए रोते हुए कहती है कि ये बताओ साहब मैं कबतक रोते रहूंगी। यही नहीं महिला पुलिस कर्मी एक अन्य महिला पुलिस कर्मी से हाथ जोड़कर कह रही है कि मैडम में उस दिन आपके पास आई थी। इस बीच एक अन्य पुलिसकर्मी मामले को शांत कराने का प्रयास करता भी दिख रहा है।
इसपर महिला पुलिस कर्मी फिर हाथ जोड़कर कहती है कि मत करो मुझे परेशान। यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद खासा सुर्खियों में आ गया है। उधर वीडियो वायरल होने के बाद ही पुलिस महकमे हड़कंप मच गया। इसके बाद उसी महिला पुलिस कर्मी ने एक दूसरा वीडियो संदेश बनाया जिसमें वह यह कहती सुनाई दे रही है कि मैं अपने ड्यूटी के दौरान अधिकारियों को अपनी समस्या बता रही थी कि तभी किसी व्यक्ति द्वारा इसका वीडियो बनाया गया, जिसबारे में मुझे बिल्कुल भी पता नहीं था। इस मामले की जांच उच्चाधिकारी कर रहे हैं और अपील करते हुए कहती है कि आप इस वीडियो को वायरल न करे। यही नहीं इस मामले में एसएसपी नैनीताल द्वारा भी एक वीडियो संदेश में कहा जा रहा है कि कल कालाढूंगी तिराहे पर एक महिला आरक्षी का वीडियो वायरल हुआ है, जिसके बाद महिला आरक्षी द्वारा दूसरा वीडियो जारी कर बताया गया है कि उनमें कुछ आक्रोश था जिस बारे में वह बता रही थी और किसी के द्वारा वह वीडियो वायरल किया गया। इस मामले की जांच सीओ को सौंपी गयी है।
अब यहां बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर क्या वजह थी कि महिला पुलिस कर्मी को चौराहे पर रोते हुए अपनी समस्या बतानी पड़ रही है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महिला पुलिस कर्मी समस्या नहीं बता रही बल्कि वह उच्चाधिकारी पर उत्पीड़न का आरोप लगा रही है।