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नैनीताल/हल्द्वानी:आरटीआई कार्यकर्ता को नही दी गयी विकास प्राधिकरण से मांगी गई सूचना,सिटी मजिस्ट्रेट ने नामांकन हवाला देकर जताई लाचारी!

editor
  • Kanchan Verma
  • January 28, 2022 06:01 PM
Nainital/Haldwani: Information sought from development authority was not given to RTI activist, city magistrate expressed helplessness by citing nomination!

नैनीताल के हल्द्वानी विकास प्राधिकरण द्वारा लापरवाही करते हुए सूचना अधिकार अधिनियम के तहत आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत गोनिया द्वारा 4 बिंदुओं पर मांगी गयी सूचना पर टाल मटोल किया जा रहा है। हेमंत को विभाग द्वारा अब तक कोई सूचना नहीं दी गयी है जबकि इस पर विधिवत अपील की तारीख 28 एक 2022 को प्रातः 11:00 बजे दी गई थी। दी गयी तारीख और समय पर हेमंत विभाग भी पहुंच गए ,वहां हेमंत गोनिया को 2 घंटे तक विलंब करवाया गया और अपील का निस्तारण भी नहीं किया गया,ना ही सूचना उपलब्ध कराई गयी। यहां तक हस्ताक्षर रजिस्टर पर भी नहीं करवाए गए। इस मामले में हेमंत गोनिया ने नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय में शिकायती पत्र भी दिया है। 


इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने कहा कि आज 28 जनवरी को नामांकन की आखिरी तिथि थी जिस वजह से हेमंत गोनिया को सूचना उपलब्ध नही करवाई जा सकी,उन्होंने कहा कि अपील की तारीख पहले ही दे दी गयी थी और चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तिथि बाद में पता चली, और कहा कि अगर किसी कारणवश अपील अधिकारी नही सुन पाता है तो अगली तिथि देने का प्रावधान है।उस अपील ले लिए नामांकन को नही छोड़ सकती,अपील के कुछ नियम है,उन्ही के तहत ये किया जा रहा है। ऋचा सिंह सिटी मजिस्ट्रेट से जब पूछा गया कि आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत को अब कब तक सूचना उपलब्ध करवाई जायेगी तो उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी कुछ नही कह सकती।


वही हेमंत ने इस मामले में नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नामांकन की तिथि मिलने के बाद इसकी सूचना मुझे दी जानी चाहिए थी, और चुनाव कार्यक्रम की जानकारी संबंधित अधिकारी को मिलते ही अपील की तिथि बदल कर नई तिथि कर दी जानी चाहिए थी। यदि ऐसा किया होता तो यह स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। विकास प्राधिकरण के मामलों में अक्सर तथ्यों को छुपाने की कोशिश की जाती है क्योंकि सूचना के अधिकार के तहत पहले भी प्राधिकरण के कई खुलासे किए गए है। नामांकन तिथि का हवाला देना संबंधित अधिकारी और उसके कर्मचारियों द्वारा कर्तव्य की अवहेलना है।
आपको बता दें कि आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत गोनिया ने हाल ही में अंतरराज्यीय बस अड्डे की ज़मीन का रकबा,चयनित भूमि पर काटे गए पेड़ और इस पर खर्च हुई धनराशि को लेकर आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी जिसमे खुलासा हुआ कि उक्त ज़मीन पर 10 हैक्टेयर भूमि चिन्हित की गई थी,जहा शीशम,बेल,खैर,कंजू, के करीब 2500 हरे पेड़ो को काटा गया था,इनसे विभाग को 531343 रुपये की आय वन विकास निगम को हुई। इस बार हेमंत ने विकास प्राधिकरण से 4 बिंदुओं पर सूचना मांगी है जो अब तक उपलब्ध नही करवाई गई है।


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