नैनीतात:चुनावी पेंच!सरिता आर्य की जाति पर उठे सवाल! जाति प्रमाणपत्र निरस्त करने की उठी मांग,एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
कांग्रेस से बीजेपी में गयी सरिता आर्य को टिकट तो मिल गया लेकिन अब उनके लिए एक नई मुसीबत पैदा हो गयी है। चुनाव से ठीक पहले उनके विधायक बनने के सपने के बीच जाति प्रमाणपत्र का रोड़ा खड़ा हो गया है। बीते रोज हल्द्वानी बागजाला निवासी हरीश चंद ने डीएम,एसडीएम, और तहसीलदार नैनीतात को पत्र देकर शिकायत की है कि सरिता आर्य का जाति प्रमाणपत्र निरस्त किया जाए,मामले में एसडीएम ने जांच के आदेश दिए है।
दरअसल शिकायती पत्र में कहा गया है कि 2008 अगस्त माह में तहसीलदार की ओर से जारी सरिता आर्य के जाति प्रमाणपत्र में उनकी माँ और पति का नाम लिखा गया है जबकि नियमानुसार जाति प्रमाणपत्र जारी करते समय उसमे पिता का नाम होना चाहिए था। सरिता आर्य के पिता का नाम कुलदीप सिंह था जो अनुसूचित जाति में नही सामान्य वर्ग में आते थे। हरीश चंद्र ने आरोप लगाया कि सरिता आर्य ने जाति प्रमाणपत्र गलत सूचना देकर हासिल किया है। पत्र में ये भी कहा गया है कि सरिता की माँ जीवंती अनुसूचित जाति की थी जबकि पिता कुलदीप सामान्य जाति के सिख समुदाय के थे। सरिता ने जीबी पंत इंटर कॉलेज भवाली से पढ़ाई की है उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों में सामान्य जाति ही लिखी हुई है। आपको बता दें कि 2012 में हेम आर्य ने सरिता आर्य के जाति प्रमाणपत्र को लेकर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी,कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी,लेकिन जाति प्रमाणपत्र को सक्षम फोरम में चुनौती देने की छूट प्रदान की थी।
मामले में एसडीएम ने जांच के आदेश दिए है एसडीएम ने दोनों पक्षो को साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है।