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नीट यूजी पुनर्परीक्षा संपन्न: पिछली बार से कठिन रहा पेपर, फिजिक्स ने उलझाया, बायोलॉजी ने दी राहत

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 21, 2026 01:06 PM
NEET UG re-exam concludes: Paper tougher than the previous one; Physics proved tricky, while Biology offered relief.

पटना। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट यूजी-2026' की पुनर्परीक्षा रविवार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गई। बिहार में परीक्षा को लेकर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। परीक्षा हॉल से बाहर निकले परीक्षार्थियों के चेहरों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। अधिकांश छात्रों का मानना था कि इस बार का प्रश्नपत्र पिछली परीक्षा की तुलना में थोड़ा कठिन और 'मॉडरेट' (मध्यम) स्तर का था। इस बार के पेपर की खास बात यह रही कि पिछली बार की तरह लंबे और पेचीदा सवाल कम थे, लेकिन प्रश्नों का स्तर वैचारिक (कांसेप्चुअल) ज्यादा था। विषयों की बात करें तो बायोलॉजी के सेगमेंट ने छात्रों को बड़ी राहत दी, जबकि फिजिक्स के पोर्शन ने परीक्षार्थियों को जमकर छकाया और केमिस्ट्री के लंबे सवालों ने उनका काफी समय लिया।

बिहार में नीट परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए जिला प्रशासन और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बेहद मुस्तैद दिखे। राज्य के 35 जिलों में कुल 331 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग 1.56 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। अकेले राजधानी पटना में 95 केंद्रों पर करीब 46 हजार छात्रों ने परीक्षा दी। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी अप्रिय घटना या गड़बड़ी को रोकने के लिए स्पेशल फोर्सेज की तैनाती की गई थी। इस बार एनटीए की ओर से परीक्षार्थियों की सहूलियत के लिए कुछ विशेष बदलाव किए गए थे। दोपहर 2:00 बजे से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए छात्रों को 1:30 बजे तक एंट्री दी गई, जिससे प्रवेश के लिए पर्याप्त समय मिला। इसके अलावा, परीक्षा समाप्ति का समय 5:15 बजे तय किया गया था, यानी छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया। एनटीए का उद्देश्य यह था कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और अटेंडेंस की प्रक्रियाओं में जो समय बर्बाद होता है, उसकी भरपाई की जा सके और बच्चों का मुख्य पेपर प्रभावित न हो। परीक्षा देकर बाहर आईं कुमारी रिद्धि और अदिति ने भी परीक्षा के स्तर पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि फिजिक्स का सेगमेंट काफी कठिन था, जिसकी वजह से वे फिजिक्स के ज्यादा सवाल सॉल्व नहीं कर पाईं। वहीं केमिस्ट्री के सवालों के काफी लंबे-चौड़े होने के कारण उन्हें हल करने में वक्त ज्यादा लगा, जिससे टाइम मैनेजमेंट में थोड़ी चुनौती आई। हालांकि, सभी छात्रों ने इस बात पर संतोष जताया कि पिछली बार की तरह पूरे पेपर में समय बर्बाद करने वाले घुमावदार प्रश्न नहीं थे। अब परीक्षा संपन्न होने के बाद छात्रों को आंसर-की और नतीजों का बेसब्री से इंतजार है।


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