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एनआरआई महिला ने लगाए उत्तराखंड के एक पीसीएस अधिकारी के भाई पर लाखों की धोखाधड़ी के आरोप! आखिर क्या है पूरा मामला देखिए

editor
  • Awaaz24x7 Team
  • June 16, 2023 02:06 PM
NRI woman accused the brother of a PCS officer of Uttarakhand of cheating millions! What is the matter see the whole matter

देहरादून से एक बड़ा मामला सामने आ रहा है जहां पर एक एनआरआई महिला ने हरिद्वार की महिला पीसीएस अधिकारी और उसके भाई पर धोखाधड़ी से 55 लाख रुपए लूटने  के आरोप लगाए है । 
मामले के अनुसार रेखा बोहरा भल्ला ने एनआरआई अनीता भल्ला के देहरादून स्थित मकान का सौदा करने के लिए कर्नल शमशेर सिंह से बतौर एडवांस धनराशि ली थी लेकिन रेखा बोहरा मकान से संबन्धित कागजात निधि यादव को सौपकर गायब हो जाती है और इसी सिलसिले में अनीता भल्ला की मुलाक़ात निधि यादव से होती है जहां से अनीता भल्ला को पता लगता है कि मकान का सौदा रद्द हो गया है । जिसके बाद अनीता भल्ला और निधि यादव के बीच अच्छे संबंध बन जाते है जैसा कि अनीता भल्ला के बयानों और निधि यादव के साथ आपसी व्हाट्स एप चैट से भी पता लगता है । कुछ दिनों बाद निधि यादव उत्तराखंड कृषि मंडी परिषद की एमडी बन जाती है और इसी बीच अनीता भल्ला इंडिया आती है वो निधि यादव से मिलने रुद्रपुर पहुँचती है । हरिद्वार में निधि यादव का  छोटा  भाई अभिषेक उर्फ हैप्पी यादव जो कि नक्स एंटरप्राइजेज़ नाम की फर्म चलाता है निधि यादव की मौखिक गारंटी पर पर अनीता भल्ला 4 नवंबर 2019 को नक्श एंटरप्राइजेज़ के नाम पर 55 लाख रुपए चेक के माध्यम से हैप्पी यादव को दे देती है । कुछ वर्षों बाद आपसी कहासुनी के चलते निधि यादव  और उसके परिवार से अनीता भल्ला के रिश्ते बिगड़ जाते है जिसके बाद अनीता भल्ला निधि यादव और उसके भाई से 55 लाख रुपए मय ब्याज के वापस मांगती है जिस पर निधि यादव और उसके भाई हैप्पी यादव मई 2023 में पैसे लौटने की बात करते है लेकिन निधि यादव और उसके भाई के द्वारा अनीता भल्ला को पैसे वापस नहीं किए जाते बल्कि लगातार गुमराह किया जाता है ।

आरोप के अनुसार कुछ दिनों बाद निधि यादव के करीबी विजय थपलियाल जो कि निरंजनपुर मंडी सचिव है सामने आते है और अनीता भल्ला को को 1 जून 2023 तक पैसे वापस करने की बात करते है ।
1 जून 2023 को अनीता भल्ला विजय थपलियाल के कार्यालय निरंजनपुर मंडी में पहुँचती है और रकम वापस मांगती है जिस पर मंडी सचिव विजय थपलियाल पैसे के नाम पर अनीता भल्ला को टहला देते है और फिर एक नए किरदार डॉ संतोष खंडुरी पैसे देने की बात करते है इसी तरह लगातार अनीता भल्ला को निधि यादव और उसके करीबी पैसे को लेकर गुमराह करते गए जिसके बाद अनीता भल्ला डीजीपी अशोक कुमार से मिलती है और उन्हे आपबीती सुनाती है  जिसके बाद देहरादून पुलिस ने अनीता भल्ला की  शिकायत दर्ज़ कर लेती है । निधि यादव जो कि वर्तमान में एक पीसीएस अधिकारी है और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर रही है और इन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला पहले से चल रहा है शिकायत मिलने पर जिसमें विजिलेन्स के द्वारा की जांच की गयी और मुकदमा चलाने के लिए फाइल शासन को भेज दी गयी । 
लेकिन धामी सरकार जो कि ज़ीरो टोलरेंस पर काम करने का दंभ भरती है जिसकी झलक आईएएस राम विलास यादव, विधानसभा भर्ती घोटाला यूकेएसएसएससी पेपर लीक घोटाले में तो नजर आ जाती है लेकिन मैडम निधि यादव का नाम आते ही सन्नाटा पसर जाता है और मुकदमा चलाने की बजाए आईएएस कैडर में प्रमोशन के लिए नाम भेज दिया जाता है । 
इसी तरह एक और मामला में निधि यादव के खिलाफ हाई कोर्ट में जनहित याचिका लगी हुई है जिसमें कहा गया है कि आईएएस कैडर में ओबीसी आरक्षण का लाभ लेने के लिए निधि यादव के द्वारा दिया गया ओबीसी प्रमाण पत्र झूठा है मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन चल रहा है ।
उत्तराखंड में लगातार अधिकारियों के मामले सामने आ रहे है लेकिन कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है । निधि यादव के आय से अधिक संपत्ति मामले में जिस तरह से शासन में फाइल का पता नहीं लग पा रहा इससे साफ जाहिर होता है कि शासन में उच्च पदों पर बैठे अधिकारी कहीं न कहीं निधि यादव से प्रभावित है जो नहीं चाहते कि निधि यादव के खिलाफ कोई कार्यवाही हो बल्कि वो चाहते है उत्तराखंड में इसी तरह के अधिकारी आईएएस में प्रमोशन पाये जिससे उत्तराखंड को मिल बाँट कर लूटा जा सके ।


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