संसद हमलाः आज ही के दिन गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा था संसद परिसर! 100 सांसद थे मौजूद, बहादुर सैनिकों ने जान पर खेलकर बचाई थी जान
नई दिल्ली। आज ही के दिन साल 2001 में 13 दिसम्बर को पाक आतंकियों ने संसद पर हमला किया था। इस दौरान छह सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे, जबकि पांच आतंकियों को मौके पर ही ढे़र कर दिया गया। इस दौरान हमले के सूत्रधार अफजल गुरू को जिंदा पकड़ा गया था। बाद में साल 2013 को अफजल गुरू को फांसी की सजा सुनाई गयी थी। आज पूरा देश संसद हमले में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को श्रृद्धांजलि दे रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्विट कर शहीदों को नमन किया। वहीं कई देशवासियों ने शहीदों को श्रृद्धासुमन अर्पित किए हैं।
बता दें कि यह हमला जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के दहशतगर्दों ने किया था। तब बंदूकधारी फर्जी आईडी के जरिए संसद परिसर में दाखिल हुए थे। हमले के दौरान संसद भवन में 100 सांसद मौजूद थे, लेकिन हमारे सैनिकों ने अदम्य साहस दिखाते हुए किसी को भी एक खंरोच तक नहीं आने दी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2001 में आज ही के दिन संसद पर हुए हमले में आतंकियों का मुकाबला करते हुए शहीद सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि दी। हमले में शामिल सभी पांच आतंकवादी मारे गए थे और छह सुरक्षा कर्मी भी शहीद हो गए थे। हमले में एक माली भी मारा गया था। हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में काफी तनाव उत्पन्न हो गया था। मोदी ने ट्वीट किया, ‘मैं उन सभी सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जो 2001 में संसद हमले के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए शहीद हो गए थे। राष्ट्र के लिए उनकी सेवा तथा सर्वोच्च बलिदान हर नागरिक को प्रेरित करता है।’ वहीं राष्ट्रपति कोविंद ने ट्वीट किया, ‘मैं उन बहादुर सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्होंने 2001 में आज ही के दिन एक नृशंस आतंकवादी हमले के खिलाफ दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की संसद की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए राष्ट्र सदैव उनका आभारी रहेगा।’