14 अप्रैल को 23वीं बार उत्तराखंड आएंगे पीएम मोदी, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे की देंगे बड़ी सौगात
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव एक बार फिर दुनिया के सामने होगा। आगामी 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री 23वीं बार देवभूमि के दौरे पर आ रहे हैं। इस यात्रा के दौरान वह उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे के लिए मील का पत्थर साबित होने वाले 'दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे' का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरे की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से गहरा आध्यात्मिक और विकासपरक रिश्ता है, जिसका लाभ आज राज्य के अंतिम छोर तक पहुंच रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने समय-समय पर उत्तराखंड के पर्यटन और तीर्थाटन को नई ऊंचाई दी है। केदारनाथ धाम की 6 बार यात्रा कर उन्होंने सुरक्षित यात्रा का संदेश दिया, जिसका नतीजा है कि आज केदारनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। पिथौरागढ़ के आदि कैलाश और उत्तरकाशी के मुखबा (मां गंगा का शीतकालीन पड़ाव) की उनकी यात्राओं ने उत्तराखंड में 'बारहमासी पर्यटन' और 'शीतकालीन यात्रा' को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित कर दिया है। मुख्यमंत्री धामी के अनुसार, पीएम मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में कनेक्टिविटी की क्रांति आई है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, चारधाम ऑलवेदर रोड, केदारनाथ-हेमकुंड साहिब रोपवे और अब दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड जैसी बड़ी परियोजनाओं ने राज्य की आर्थिकी की दिशा बदल दी है। केंद्र की ओर से अब तक दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाएं धरातल पर उतारी जा चुकी हैं। पीएम मोदी का उत्तराखंड दौरा केवल विकास तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि वह राज्य के हर बड़े उत्सव के साक्षी रहे हैं। मार्च 2017 और मार्च 2022 में मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोहों में शामिल होने के साथ ही, उन्होंने 9 नवंबर 2025 को उत्तराखंड राज्य के रजत जयंती समारोह (25 वर्ष) में भी प्रतिभाग किया था। आपदा के समय भी वह हमेशा उत्तराखंड के साथ खड़े रहे, जिसका उदाहरण सितंबर 2025 में घोषित 1,200 करोड़ का राहत पैकेज है। 14 अप्रैल के प्रस्तावित दौरे को लेकर शासन-प्रशासन अलर्ट मोड पर है। लोकार्पण के साथ ही होने वाली विशाल जनसभा में लाखों लोगों के जुटने की उम्मीद है। यह दौरा न केवल यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि उत्तराखंड के विकास को एक नई रफ़्तार भी देगा।