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पुलिसिया बर्बरताः लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी फैजल लखानी को बस स्टैंड पर सरेआम पीटा! पुलिस की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल

editor
  • Awaaz Desk
  • September 06, 2026 09:09 AM
Police Brutality: Faisal Lakhani, accused of murdering his live-in partner, publicly beaten at the bus stand! Serious questions raised over police action.

नई दिल्ली/भावनगर। गुजरात के भावनगर में लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी की पुलिस पिटाई का कथित वीडियो सामने आने के बाद कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में हत्या के आरोपी फैजल लखानी को रस्सियों से बांधकर घटनास्थल के आसपास घसीटते हुए और पुलिसकर्मियों द्वारा डंडे से पीटते हुए देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई उस समय हुई, जब पुलिस हत्या की वारदात का घटनास्थल पर पुनर्निर्माण करा रही थी। वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि किसी अपराध के आरोपी के खिलाफ जांच के दौरान पुलिस को किस हद तक बल प्रयोग करने की अनुमति है और क्या सार्वजनिक रूप से आरोपी की पिटाई पुलिस की निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा है क्योंकि गुजरात में पुलिस द्वारा आरोपियों को सार्वजनिक रूप से दंडित करने को लेकर पहले ही दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। शनिवार को सामने आए वीडियो में फैजल लखानी को रस्सियों से बांधा हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मी उसे घटनास्थल के आसपास ले जाते और डंडे से मारते नजर आ रहे हैं। यह कार्रवाई हत्या के मामले की जांच के तहत वारदात के पुनर्निर्माण के दौरान किए जाने की बात सामने आई है। मामले को लेकर नीलमबाग थाने के पुलिस निरीक्षक डीपी उनाडकट ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया है। उनका कहना है कि हत्या की घटना की गंभीरता और उससे पुलिस की छवि को हुए नुकसान को देखते हुए पुलिस को सख्त रुख अपनाना पड़ा। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आरोपी पर सार्वजनिक स्थान पर महिला पर हमला करने का आरोप है। उनका कहना है कि घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर भी लोगों में नाराजगी और सवाल पैदा हुए थे। निरीक्षक डीपी उनाडकट के अनुसार, घटना के बाद लोगों के बीच यह धारणा बनने लगी थी कि अपराधी महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ गंभीर वारदात कर रहे हैं और पुलिस प्रभावी कार्रवाई करने में असमर्थ है। अधिकारी ने कहा कि ऐसे मामलों में कड़ा संदेश देना जरूरी है। पुलिस का तर्क है कि आरोपी की करतूत से कानून-व्यवस्था और पुलिस की प्रतिष्ठा पर असर पड़ा था। इसी वजह से पुलिस ने आरोपी के साथ सख्ती की। हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद पुलिस का यह तर्क खुद सवालों के घेरे में आ गया है।

क्या है काजल बरैया हत्याकांड?
मामला भावनगर की काजल बरैया की हत्या से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार काजल बरैया और फैजल लखानी करीब सात वर्षों से भावनगर में एक फुटपाथ पर साथ रह रहे थे। पुलिस का कहना है कि फैजल के खिलाफ पहले भी लूट समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। जेल से बाहर आने के बाद कथित तौर पर फैजल को जानकारी मिली कि काजल उसके परिचित रवि के साथ रिश्ते में थी। इसके बाद गुरुवार को दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद के दौरान फैजल ने काजल और रवि पर हमला किया। हमले में काजल गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे उपचार के लिए सरकारी सर टी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को फैजल लखानी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जांच के तहत पुलिस आरोपी को घटनास्थल पर ले गई, जहां वारदात का पुनर्निर्माण कराया जा रहा था। इसी दौरान उसकी पिटाई का वीडियो सामने आया।

गुजरात में पहले भी उठ चुका है पुलिस की सार्वजनिक पिटाई का मुद्दा
भावनगर की घटना के बाद गुजरात में पुलिस द्वारा आरोपियों की सार्वजनिक पिटाई को लेकर पहले से चल रही कानूनी प्रक्रिया भी चर्चा में आ गई है। गुजरात हाईकोर्ट में एक स्वत: संज्ञान वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस की ऐसी कार्रवाइयों को लेकर सवाल उठ चुके हैं। यह मामला सूरत में पुलिस अधिकारियों द्वारा कुछ आरोपियों की कथित सार्वजनिक पिटाई से संबंधित है। सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी की ओर से अदालत को बताया गया था कि राज्य के गृह विभाग ने 7 मई को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें पुलिस द्वारा आरोपियों को इस तरह सार्वजनिक रूप से दंडित करने पर रोक लगाई गई थी।

उठक-बैठक से लेकर डंडे से पिटाई तक पर रोक
बताए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, आरोपियों को सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक करवाना, घुटनों के बल चलाना, लात मारना या डंडे से पीटना अनुशासनात्मक कार्रवाई का आधार बन सकता है। इसके अलावा ऐसे मामलों में संबंधित क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात भी कही गई है। ऐसे में भावनगर में सामने आए वीडियो ने पुलिस की कार्रवाई और राज्य सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के बीच बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल अहम हो गया है कि घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या कदम उठाया जाएगा। क्या पुलिस की कार्रवाई को नियमों के अनुरूप माना जाएगा या फिर संबंधित कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई होगी, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। एक तरफ पुलिस हत्या के गंभीर मामले में आरोपी के खिलाफ सख्ती को जरूरी बता रही है, वहीं दूसरी तरफ आरोपी के साथ कथित मारपीट का वीडियो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे में अब पूरे मामले में पुलिस विभाग की ओर से की जाने वाली अगली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।


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