द्वाराहाट में राजनीतिक भूचाल: कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट का सरकार पर तीखा हमला, बोले-'भाजपा एजेंट की तरह काम कर रहे अधिकारी'
द्वाराहाट। द्वाराहाट से कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट ने गुरुवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तीखे राजनीतिक बाण चलाए। विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर उंगली उठाते हुए आरोप लगाया कि आज अधिकारी अपनी निष्पक्षता भूलकर पूरी तरह 'भाजपा के एजेंट' की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी कि सरकारी तंत्र का यह राजनीतिकरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हाल ही में एक बहुउद्देशीय शिविर के दौरान हुए भारी राजनीतिक विवाद का जिक्र करते हुए विधायक मदन बिष्ट ने इन शिविरों को पूरी तरह बेकार और दिखावा करार दिया। उन्होंने कहा, "जब इन तथाकथित शिविरों में आने वाली आम जनता की बुनियादी समस्याओं का कोई समाधान ही नहीं हो रहा है, तो सरकारी धन को पानी की तरह बहाने का क्या औचित्य है? विधायक ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक बैठकों में भाजपा के पदाधिकारियों की अनावश्यक दखलअंदाजी पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि प्रोटोकॉल तोड़कर राजनीतिक दलों के नेताओं को सरकारी मंचों पर बिठाना ही है, तो लोकतंत्र की गरिमा के तहत सभी दलों को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने एलान किया कि सरकारी शिविरों में बीजेपी नेताओं को वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने के खिलाफ उनका विरोध आगे भी पुरजोर तरीके से जारी रहेगा। क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या पेयजल पर बात करते हुए मदन बिष्ट ने 'जल जीवन मिशन' को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने विभागीय तालमेल पर सवाल उठाते हुए कहा कि जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय शून्य है, जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता भुगत रही है। उन्होंने आरोप लगाया, "अधिकारियों ने कागज़ चमकाने के लिए कई गांवों में नल तो टांग दिए हैं, लेकिन उनमें आज तक पानी की एक बूंद नहीं टपकी। विडंबना देखिए कि बिना पानी दिए ही गरीब जनता से पानी के बिल धड़ल्ले से वसूले जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक कथित अभद्र टिप्पणी वाले वीडियो पर सफाई देते हुए विधायक ने इसे विरोधियों की घटिया साज़िश बताया। मदन बिष्ट ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो पूरी तरह फर्जी है और इसे आधुनिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक की मदद से छेड़छाड़ (मैनिपुलेट) कर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी छवि को धूमिल करने के लिए राजनीतिक द्वेष के तहत इस वीडियो को प्रसारित किया जा रहा है, जिसकी सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी। प्रेस वार्ता में बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।