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उत्तराखण्ड में राहुल गांधी: 27 मिनट के भाषण में मोदी, महंगाई, किसान और शहीदों का जिक्र! कोई चुनावी घोषणा नहीं, सियासी हलकों में चर्चाओं ने पकड़ा जोर

editor
  • Manoj Kumar
  • December 16, 2021 10:12 AM
Rahul Gandhi's public meeting in Uttarakhand: Modi, inflation, farmers and martyrs mentioned in his 27-minute speech! No election announcement, discussions caught hold in political circles

देहरादून। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी आज उत्तराखण्ड पहुंचे और देहरादून स्थित परेड ग्राउण्ड में विशाल जनसभा को सम्बोधित किया। अपने करीब 27 मिनट के भाषण में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा सरकार पर निशाना साधने के साथ ही महंगाई, किसान और शहीदों का जिक्र किया। इस दौरान राहुल गांधी ने कोई घोषणा नहीं की, जिसको लेकर सियास हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। 
देहरादून जनसभा स्थल पर पहुंचने के बाद कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सबसे पहले जनरल बिपिन रावत को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राहुल गांधी ने पूर्व सैनिकों को स्मृति चिन्ह देकर उनका सम्मान किया। रैली में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला। वहीं उत्तराखंड और अपने परिवार के बीच कुर्बानी का रिश्ता जोड़ा। अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए राहुल ने कहा कि जब मैं छोटा था, देहरादून के दून स्कूल में पढ़ा करता था। मैं यहां आपके साथ दो तीन साल रहा। आपने उस समय मुझे बहुत प्यार दिया। कहा शायद मेरे परिवार का और उत्तराखंड का गहरा रिश्ता है। मुझे वो दिन याद आया जब 31 अक्टूबर को मेरी दादी इस देश के लिए शहीद हुईं थी। फिर मुझे 21 मई का दिन याद आया, जिस दिन मेरे पिता इस देश के लिए शहीद हो गए। मेरा और आपका कुर्बानी का रिश्ता है। जो कुर्बानी के उत्तराखंड के हजारों परिवारों ने दी है। वही कुर्बानी मेरे परिवार ने दी है। जिन लोगों ने अपनों को खोया है, वह इस रिश्ते को अच्छी तरह समझेंगे। जो सेना में हैं उन्हें यह बात गहराई से समझ आएगी। कहा कि आज देश को बांटा जा रहा है, कमजोर किया जा रहा है। एक भाई को दूसरे भाई से लड़ाया जा रहा है। पूरी सरकार दो तीन पूंजीपतियों के लिए चलाई जा रही है। इन सबके बीच राहुल गांधी ने एक भी चुनावी घोषणा नहीं की, जिसको लेकर सियासी हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर अलग-अलग बाते सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि कांग्रेस के पास कोई विजन नहीं है, जबकि कुछ लोग इसपर कांग्रेस को घेरते नजर आए। 


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