नैनीताल में बारिश का कहर: मस्जिद तिराहे के पास गिरा 100 साल पुराना भारी-भरकम पेड़, बिजली लाइनें तबाह,शहर में बत्ती गुल
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम विभाग का पूर्वानुमान एक बार फिर पूरी तरह सटीक साबित हुआ है। क्षेत्र में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसी बीच, मल्लीताल मेट्रोपोल और मस्जिद तिराहा से कालाढूंगी को जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक बड़ा हादसा होते-होते टला। यहां सड़क किनारे खड़ा करीब 100 साल पुराना पॉपुलर का एक भारी-भरकम पेड़ अचानक भरभराकर सीधे मुख्य मार्ग पर गिर गया। इस घटना से यातायात तो प्रभावित नहीं हुआ, लेकिन पेड़ की चपेट में आने से मुख्य विद्युत लाइनें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे पूरे नगर की बिजली गुल हो गई है।
स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात से ही नैनीताल में मौसम का मिजाज बदला हुआ था। तेज अंधड़ और लगातार हो रही भारी बारिश के दबाव को यह पुराना पेड़ बर्दाश्त नहीं कर सका और अलसुबह मुख्य सड़क के आर-पार आ गिरा। गनीमत यह रही कि हादसा सुबह के वक्त हुआ जब सड़क पर वाहनों और पैदल चलने वाले लोगों की आवाजाही बेहद कम थी, अन्यथा कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी। पेड़ गिरने के बाद भी रास्ता पूरी तरह ब्लॉक नहीं हुआ और वाहनों का संचालन किसी तरह सुचारू रूप से चलता रहा। हालांकि, इस हादसे का सबसे बड़ा असर शहर की बिजली व्यवस्था पर पड़ा है। भारी पेड़ सीधे हाई-टेंशन और एलटी विद्युत लाइनों के ऊपर जा गिरा, जिससे पोल और तार टूटकर जमीन पर आ गए। इसके चलते पूरे नैनीताल नगर की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। सुबह उठते ही स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और राहत कार्य के लिए दो प्रमुख विभागों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। वन विभाग की रेस्क्यू टीम आधुनिक कटर और उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने भारी-भरकम पॉपुलर के पेड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर सड़क के किनारे से हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। विद्युत विभाग के दर्जनों कर्मचारी और इंजीनियर भी मौके पर डटे हुए हैं। टूटे हुए तारों को बदलने और क्षतिग्रस्त इंसुलेटर्स को ठीक करने का काम तेजी से किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द नगर में बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भी पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे खराब मौसम में पेड़ों के नीचे वाहन पार्क न करें और संवेदनशील मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें।