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रुद्रपुरः महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा पर कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन को घेरा! एसएसपी कार्यालय पहुंचे, गेट पर रोकने पर भड़के

editor
  • Awaaz Desk
  • July 30, 2026 09:07 AM
Rudrapur: Congress corners police administration over the safety of women and girls; leaders reach SSP's office and get agitated after being stopped at the gate.

रुद्रपुर। महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महिला सुरक्षा की मांग को लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे कांग्रेसियों ने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को गेट पर रोकने की कोशिश की गई, जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क गए और पुलिसकर्मियों से उनकी तीखी नोकझोंक हो गई। विरोध जताते हुए कांग्रेसी गेट के बाहर ही बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें कार्यालय के गेट पर ही रोक दिया गया। इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। प्रदर्शन के दौरान काफी देर तक पुलिस और कांग्रेसियों के बीच बहस होती रही। स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेसी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। बाद में एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी मौके पर पहुंचे और कांग्रेस नेताओं से बातचीत की। इसके बाद कांग्रेसियों ने उन्हें महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। एसपी सिटी ने कांग्रेस नेताओं को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिले में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। उनका आरोप है कि पिछले एक महीने के दौरान सामूहिक दुष्कर्म की दो घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कांग्रेस नेताओं ने शहर में युवती के साथ कथित गैंगरेप की घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसी घटनाओं से महिलाओं और छात्राओं में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि शहर और जिले में महिलाओं के साथ दुष्कर्म, छेड़छाड़ और उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए। पुलिस प्रशासन को ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के साथ.साथ अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।


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