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यमुना तट पर पंचतत्व में विलीन हुईं निशानेबाज जसपाल राणा की मां श्यामा देवी, पैतृक गांव चिलामू नैनबाग में उमड़ा जनसैलाब, बाजार पूर्णतया बंद

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 29, 2026 12:06 PM
Shyama Devi, mother of shooter Jaspal Rana, was consigned to the elements on the banks of the Yamuna; a massive crowd gathered at their ancestral village, Chilamu Nainbag, and the market remained completely shut.

टिहरी। उत्तराखंड के खेल जगत और सीमांत क्षेत्र जौनसार-बावर के लिए यह समय अत्यंत पीड़ादायक और गहरे शोक का है। 'गोल्डन बॉय' के नाम से विख्यात दिवंगत अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा की माता श्यामा देवी का सोमवार को टिहरी जनपद के अंतर्गत यमुना नदी के पावन तट पर पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। बीते दिन दिल्ली के एक अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया था, जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव चिलामू (नैनबाग) लाया गया। माता श्यामा देवी को अंतिम विदाई देने के लिए पैतृक गांव में हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े और पूरा क्षेत्र "श्यामा देवी अमर रहें" के नारों और सिसकियों से गूंज उठा। इस शोक में नैनबाग का मुख्य सुमन क्यारी बाजार पूरी तरह बंद रहा।

इस दुखद घड़ी में पूर्व खेल मंत्री और जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा के ऊपर दुखों का वज्रपात हुआ है। नैनबाग के ग्राम प्रधान मनीष चौहान ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि अभी कुछ ही दिन पूर्व देश का गौरव बढ़ाने वाले अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा का असामयिक निधन हुआ था, जिससे पूरा परिवार और क्षेत्र उबरा भी नहीं था कि आज उनकी माता का भी लंबी बीमारी के कारण देहांत हो गया। एक ही परिवार में इतने कम समय में दो बड़े आघातों से पूरा जौनसार और उत्तराखंड स्तब्ध है। मसूरी नगर पालिका की अध्यक्ष मीरा सकलानी ने भी शोक जताते हुए कहा कि जसपाल राणा और उनकी माता के अचानक जाने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। ईश्वर इस संकट की घड़ी में शोकाकुल परिवार को संबल और सहनशक्ति प्रदान करे। श्यामा देवी की अंतिम यात्रा जब चिलामू गांव से यमुना तट के लिए रवाना हुई, तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। रूढ़िवादी परंपराओं को पीछे छोड़ते हुए उनकी बेटी सुषमा राणा सिंह ने भी अपनी मां के पार्थिव शरीर को कंधा लगाकर एक सजग बेटी का फर्ज निभाया और नम आंखों से विदाई दी। इसके बाद यमुना तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्यामा देवी के छोटे बेटे सुभाष राणा और उनके दिवंगत पुत्र जसपाल राणा के बेटे (पोते) युवराज सिंह ने संयुक्त रूप से उन्हें मुखाग्नि दी। शोकसभा और अंत्येष्टि में क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, खेल प्रेमी, व्यापार मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए मौन रख प्रार्थना की। पूरा नैनबाग क्षेत्र आज अपने चहेते 'गोल्डन बॉय' और उनकी वात्सल्यमयी माता की यादों में डूबा नजर आया।


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