सोशल मीडिया की रंजिश बनी मौत की वजह: 17 वर्षीय विक्रांत बागी की गोली मारकर हत्या, 12 घंटे में दो शूटर गिरफ्तार
रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर जिले के लालपुर चौकी क्षेत्र में गुरुवार शाम एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। सोशल मीडिया पर चल रही मामूली बयानबाजी और वर्चस्व की जंग ने इस कदर खूनी रूप अख्तियार कर लिया कि महज 17 साल के एक किशोर को अपनी जान गंवानी पड़ी। रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप निवासी विक्रांत बागी की दो शातिर शूटरों ने सरेराह ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। हालांकि, ऊधमसिंहनगर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 12 घंटे के भीतर अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर नेपाल भागने की फिराक में लगे दो मुख्य शूटरों को दबोच लिया है।
जानकारी के अनुसार, मृतक विक्रांत बागी और आरोपियों के बीच पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक-दूसरे के खिलाफ हिंसक और उग्र बयानबाजी चल रही थी। दोनों पक्षों में खुद को बड़ा दिखाने की होड़ मची थी। गुरुवार शाम करीब 5 बजे विक्रांत किसी काम से लालपुर के टिब्बा क्षेत्र में गया हुआ था। इसी दौरान सोशल मीडिया की इसी रंजिश का बदला लेने के लिए किच्छा के सैजनी गांव से करीब 16 किलोमीटर दूर से आए हथियारों से लैस बदमाशों ने उसे घेर लिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई, जो चंद मिनटों में हिंसक झड़प में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने अचानक तमंचा निकालकर विक्रांत पर सीधे फायरिंग कर दी। गोली लगते ही विक्रांत लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और आरोपी मौके से फरार हो गए। दिनदहाड़े चली गोलियों की आवाज से पूरे टिब्बा क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से गंभीर रूप से घायल विक्रांत को तुरंत जिला अस्पताल रुद्रपुर ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन उसे आनन-फानन में हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल ले गए, जहां देर रात करीब 11 बजे इलाज के दौरान विक्रांत ने दम तोड़ दिया। किशोर की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में परिजनों और दोस्तों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
मामले की संवेदनशीलता और आरोपियों के नेपाल भागने के खुफिया इनपुट को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने एसपी सिटी और क्षेत्राधिकारी सितारगंज के पर्यवेक्षण में पुलिस की कई विशेष टीमों का गठन किया। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और आधुनिक मैनुअल सर्विलांस की मदद से पुलिस ने आरोपियों का रूट ट्रैक किया। शुक्रवार को घेराबंदी कर पुलिस ने धाधा फार्म क्षेत्र से दो मुख्य आरोपियों को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वे अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर नेपाल भागने की तैयारी में थे। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कुबूल किया है कि सोशल मीडिया पर लंबे समय से चल रही रंजिश के कारण ही उन्होंने विक्रांत पर जानलेवा हमला किया था। वहीं, इस पूरे हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड बंटी ठाकुर वर्तमान में घायल अवस्था में एक अस्पताल में भर्ती है, जिसकी चोटों की पुलिस द्वारा गहनता से जांच की जा रही है। जिले में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 घंटे में शूटरों को पकड़ा है। पकड़े गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों को भी जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पूरे जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल मुस्तैद है।