पटना के गोल्फ कोर्स पर उतरी 'आध्यात्मिक ऊर्जा': सद्गुरु ने थामी गोल्फ स्टिक, खेल महानिदेशक संघ लगाए जबर्दस्त शॉट्स
पटना। राजधानी पटना के खेल जगत और आध्यात्मिक हलकों में शनिवार का दिन एक बेहद खूबसूरत और कभी न भूलने वाले पल का गवाह बना। सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने पटना के गोल्फ कोर्स पर न केवल कदम रखा, बल्कि बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रन शंकरण के साथ जमकर गोल्फ भी खेला। पारंपरिक खेल पोशाक में सजे सद्गुरु को गोल्फ स्टिक थामे और मैदान पर सधे हुए शॉट्स लगाते देख वहां मौजूद हर कोई हैरान और आनंदित रह गया। सद्गुरु की गोल्फ खेलते हुए तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहे हैं। गोल्फ कोर्स के शांत माहौल में सद्गुरु ने खेल की परिभाषा को एक नया और गहरा आयाम दिया। उन्होंने खेल को महज एक-दूसरे से जीतने या प्रतिस्पर्धा करने का जरिया मानने से साफ इनकार किया। सद्गुरु ने खेल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि, "गोल्फ जैसे खेल वास्तव में मानव जीवन में गहरी एकाग्रता, धैर्य और सबसे महत्वपूर्ण आंतरिक संतुलन विकसित करने का एक बेहद सशक्त और व्यावहारिक साधन हैं।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब कोई व्यक्ति पूरी चेतना के साथ खेलता है, तो उसके भीतर एक अद्भुत अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रन शंकरण, जो खुद लंबे समय से बिहार में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने और उसे जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के लिए पूरी ताकत से सक्रिय हैं, इस मुलाकात से बेहद गदगद नजर आए। शंकरण ने पहले भी राज्य में योग, फिटनेस और आधुनिक खेलों के अद्भुत तालमेल को लेकर कई सराहनीय पहल की हैं। मुलाकात के बाद महानिदेशक रवींद्रन शंकरण ने कहा, "सद्गुरु के साथ समय बिताना एक दिव्य अनुभव था। उन्होंने खेल के माध्यम से मानसिक अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा को जगाने पर विस्तृत चर्चा की। गोल्फ और योग दोनों का मूल सिद्धांत एक ही है मानसिक एकाग्रता और आत्मनियंत्रण। दोनों का यह समन्वय स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली के लिए एक बड़ा संदेश है। सद्गुरु के गोल्फ कोर्स पर पहुंचने की खबर जैसे ही फैली, वहां मौजूद खिलाड़ियों और उत्साही लोगों की भीड़ उन्हें करीब से देखने के लिए उमड़ पड़ी। लोगों ने गुरुदेव का बेहद गर्मजोशी और आदर के साथ स्वागत किया। कई भाग्यशाली युवाओं और गोल्फ प्रेमियों को सद्गुरु के साथ सेल्फी खिंचवाने का मौका मिला। मैदान पर मौजूद लोगों ने कहा कि सद्गुरु की सादगी और उनकी जीवंत उपस्थिति ने पूरे गोल्फ कोर्स के माहौल को एक नई आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर कर दिया था। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोग इसे एक स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने वाला एक बेहतरीन और प्रेरक उदाहरण बता रहे हैं। गोल्फ के मैदान पर अपने जौहर दिखाने के बाद, सद्गुरु आज शाम को पटनावासियों को ज्ञान और ध्यान के सागर में सराबोर करेंगे। राजधानी के ऐतिहासिक बापू सभागार में आज शाम ठीक साढ़े छह बजे से भव्य कार्यक्रम 'एन इवनिंग विद सद्गुरु' का आयोजन होने जा रहा है। इस विशाल सार्वजनिक सत्संग को लेकर पटना और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन और आयोजकों द्वारा इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सद्गुरु का यह पटना दौरा और उनका यह अनूठा अंदाज लंबे समय तक बिहार के लोगों के दिलों में ताजा रहेगा।