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केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बिना रजिस्ट्रेशन घोड़ा-खच्चर चलाने वालों पर कड़ा एक्शन: डीएम विशाल मिश्रा की दो टूक-नियम तोड़े तो होंगे ब्लैकलिस्ट

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 02, 2026 08:07 AM
Strict action against those operating horses and mules without registration on the Kedarnath pilgrimage route: DM Vishal Mishra issues a stern warning—violating rules will lead to blacklisting.

रुद्रप्रयाग। विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह अनुकूल बनाने के लिए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रा व्यवस्थाओं की रीढ़ माने जाने वाले घोड़ा-खच्चर संचालकों, स्वामियों और हॉकरों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी (डीएम) विशाल मिश्रा ने बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यात्रा मार्ग पर बिना वैध पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के घोड़ा-खच्चरों का संचालन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले या तीर्थयात्रियों से दुर्व्यवहार करने वाले संचालकों के खिलाफ कठोर प्रशासनिक और कानूनी (विधिक) कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने यात्रा से जुड़े सभी सेवा प्रदाताओं को आगाह करते हुए कहा कि बाबा केदार के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु बेहद दुर्गम रास्तों को पार कर यहां पहुंचते हैं और बड़ी संख्या में लोग घोड़ा-खच्चरों की सेवाओं का सहारा लेते हैं। ऐसे में प्रत्येक संचालक और हॉकर का यह पहला नैतिक और कानूनी दायित्व है कि वे तीर्थयात्रियों के साथ अत्यंत शालीन, विनम्र और सम्मानजनक व्यवहार करें। डीएम ने बताया कि पिछले दिनों जिला प्रशासन के संज्ञान में कुछ ऐसे मामले सामने आए थे, जिनमें कुछ संचालकों और हॉकरों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ अमर्यादित और अभद्र व्यवहार किया गया था। प्रशासन ने इन मामलों को बेहद गंभीरता से लेते हुए संबंधित दोषियों के खिलाफ नियमानुसार तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि भविष्य में भी अगर ऐसी कोई शिकायत मिलती है, तो दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।प्रशासन ने अब यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पंजीकरण की व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए जारी किए गए मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं। सभी घोड़ा-खच्चर संचालकों और स्वामियों को अपने अधीन काम करने वाले प्रत्येक हॉकर का 'जिला पंचायत रुद्रप्रयाग' द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हर हाल में पंजीकरण कराना होगा। पंजीकृत हॉकरों की पूरी सूची और विवरण जिला प्रशासन को भी उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा, ताकि सुरक्षा के लिहाज से ट्रैकिंग की जा सके। यदि चेकिंग के दौरान कोई भी हॉकर या संचालक बिना पंजीकरण के यात्रा मार्ग पर सेवाएं देता हुआ पकड़ा गया, तो उसे तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट (प्रतिबंधित) कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उस पर भारी आर्थिक दंड (जुर्माना) लगाया जाएगा और इसके लिए मुख्य संचालक या स्वामी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। जिलाधिकारी ने केदारनाथ यात्रा की धार्मिक गरिमा और देवभूमि की सांस्कृतिक छवि को बनाए रखने के लिए सभी घोड़ा-खच्चर स्वामियों और हॉकरों से प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी के रोजगार को प्रभावित करना नहीं, बल्कि यात्रा को सभी के लिए सुगम और सुरक्षित बनाना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रा मार्ग पर लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाएं ताकि बिना पास या बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी व्यक्ति खच्चरों का संचालन न कर सके। इस कड़े कदम से केदारनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और इससे यात्रा मार्ग पर होने वाली धोखाधड़ी या बदसलूकी की घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम कसी जा सकेगी।


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