बिहार में नए 'माननीयों' का शपथ ग्रहण: स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और 'पावर स्टार' पवन सिंह समेत 10 नए विधान पार्षदों ने ली शपथ
पटना। बिहार की राजनीति और सत्ता के गलियारे के लिए आज (बुधवार) का दिन बेहद ऐतिहासिक रहा। राज्य को आज से आठ नए 'माननीय' मिल गए हैं, जिन्होंने आधिकारिक तौर पर सदन में अपनी पारी की शुरुआत कर दी है। बिहार विधान परिषद् के सभागार में आयोजित एक भव्य और गरिमामयी समारोह में कुल 10 नवनिर्वाचित सदस्यों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
शपथ लेने वालों में सबसे प्रमुख नाम पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और राज्य के मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार तथा भोजपुरी सिनेमा के 'पावर स्टार' व भाजपा नेता पवन सिंह का रहा। कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को बारी-बारी से सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित सत्ता और विपक्ष के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा भोजपुरी अभिनेता और भाजपा नेता पवन सिंह की रही। दरअसल, पिछले महीने नामांकन के समय पवन सिंह तय समय से काफी देर से पहुंचे थे, जबकि उनसे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी वहां पहुंच चुके थे। हालांकि पवन सिंह ने अपनी इस देरी पर खेद जताया था, लेकिन बाद में वे अपना निर्वाचन प्रमाणपत्र लेने भी खुद नहीं आ सके थे। इस बार ऐसी किसी स्थिति से बचने के लिए प्रशासन और पार्टी द्वारा उन्हें तय समय से काफी पहले उपस्थित होने की विशेष हिदायत (ताकीद) दी गई थी। पवन सिंह ने भी इस बार नियम का पालन किया और समय से पहले पहुंचे। इसी का नतीजा रहा कि बुधवार को शपथ ग्रहण की शुरुआत ही पवन सिंह के नाम से हुई और उन्हें सबसे पहले शपथ दिलाई गई। पिछले महीने बिहार विधान परिषद् की 9 नियमित सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई 1 सीट पर उप चुनाव हुआ था। इन सभी 10 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए थे। बुधवार को शपथ लेने वाले 10 सदस्यों में से 9 सत्ताधारी एनडीए गठबंधन से हैं, जबकि 1 सदस्य मुख्य विपक्षी दल राजद से हैं। सदन में इस बार एक दिलचस्प बदलाव भी देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए, तो उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही विधान परिषद् की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उप चुनाव में जदयू ने नीतीश कुमार की खाली सीट पर उनके सबसे विश्वसनीय सिपहसालार ललन प्रसाद को मैदान में उतारा था। ललन प्रसाद भी निर्विरोध जीतकर सदन पहुंचे हैं और आज उन्होंने भी सदस्यता की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सभी नए और पुराने विधान पार्षदों को बधाई दी। नए सदस्यों ने संकल्प जताया कि वे सदन की गरिमा को बनाए रखते हुए बिहार के विकास और जनता के मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाएंगे।