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स्वाइन फ्लू को लेकर उत्तराखंड में अलर्ट! H1N1 के 565 मामलों ने बढ़ाई चिंता, देहरादून-ऋषिकेश में 78 एक्टिव केस, एडवाइजरी जारी

editor
  • Awaaz Desk
  • September 19, 2026 09:09 AM
Swine flu alert in Uttarakhand! 565 H1N1 cases raise concern; 78 active cases in Dehradun and Rishikesh; advisory issued.

देहरादून। उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। संक्रमण के बढ़ते प्रसार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बचाव और रोकथाम के लिए एडवाइजरी जारी की है। खासतौर पर स्कूलों में संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए स्कूली बच्चों और शिक्षण संस्थानों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को एहतियात के तौर पर मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्कूल नहीं भेजने की सलाह दी है। संक्रमण की स्थिति को देखते हुए एडवाइजरी को तीन श्रेणियों में तैयार किया गया है। देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने एच1एन1 संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने बताया कि स्कूलों में संक्रमण की रोकथाम के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और आवश्यकता के अनुसार मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से फ्लू जैसे लक्षण वाले विद्यार्थियों को स्कूल नहीं भेजने की अपील की है। यदि किसी बच्चे में बुखार, खांसी, जुकाम या फ्लू से संबंधित अन्य लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे घर पर रखते हुए चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है। इसका उद्देश्य संक्रमित बच्चे से दूसरे विद्यार्थियों और शिक्षकों तक संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकना है।

24 घंटे में मिले 8 नए पॉजिटिव केस
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार देहरादून जिले में पिछले 24 घंटे के भीतर H1N1 के आठ नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 565 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 372 मामले देहरादून जिले के हैं, जबकि 193 मरीज अन्य जिलों या दूसरे राज्यों से यहां उपचार के लिए पहुंचे हैं। वर्तमान में देहरादून और ऋषिकेश में 78 एक्टिव केस बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एक्टिव मरीजों में से अधिकांश का उपचार निजी अस्पतालों में चल रहा है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की है, जिन्हें पहले से कोई अन्य बीमारी है। यानी कॉमॉर्बिडिटी वाले मरीजों को संक्रमण की स्थिति में विशेष निगरानी की जरूरत पड़ रही है।

आम लोगों के लिए भी जारी होगी एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग अब आम जनता के लिए भी जागरूकता एडवाइजरी जारी करने की तैयारी में है। इसके माध्यम से लोगों को H1N1 के लक्षण, संक्रमण से बचाव और आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू ड्रॉपलेट संक्रमण से फैलने वाली वायरल बीमारी है। ऐसे में संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लोगों का जागरूक रहना और जरूरी सावधानियां बरतना बेहद महत्वपूर्ण है। विभाग का जोर लोगों में अनावश्यक भय पैदा करने के बजाय सावधानी और जागरूकता बढ़ाने पर है।

फ्लू जैसे लक्षण हों तो खुद को रखें अलग
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और स्वयं को दूसरों से अलग रखें। आवश्यकता के अनुसार मास्क का इस्तेमाल करने और हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। लोगों से कहा गया है कि लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें। विशेष रूप से पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को संक्रमण की स्थिति में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने H1N1 संक्रमण से निपटने के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में अलग से आइसोलेशन बेड चिह्नित किए हैं। इसके साथ ही अस्पतालों में फ्लू ओपीडी भी संचालित की जा रही हैं, जहां फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की जांच और उपचार की व्यवस्था की गई है। विभाग के अनुसार गंभीर स्थिति वाले मरीजों को आवश्यकता के अनुसार अस्पताल में भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में एक्टिव मरीजों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिन्हें पहले से अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं।


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