शर्मसार सिस्टम: बकरी बेचकर दी रिश्वत की तीसरी किस्त, कटिहार में घूसखोर राजस्व कर्मचारी का वीडियो वायरल
कटिहार। बिहार सरकार भले ही भ्रष्टाचार और घूसखोरी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (कतई बर्दाश्त नहीं) की नीति का दावा करती हो, लेकिन जमीनी स्तर पर भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका एक जीता-जागता और बेहद शर्मनाक उदाहरण कटिहार जिले में देखने को मिला है। यहां जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के एवज में एक गरीब किसान से सरेआम घूस लेते हुए राजस्व कर्मचारी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
रिश्वतखोरी की इस कहानी में सबसे ज्यादा झकझोर देने वाली बात यह है कि पीड़ित ने सरकारी दफ्तर के चक्कर काटते-काटते और बार-बार पैसे देते-देते थककर, आखिरकार अपनी बकरियां बेचकर रिश्वत की आखिरी किस्त का इंतजाम किया था। वायरल वीडियो में आजमनगर प्रखंड के पिंडाल पंचायत में तैनात राजस्व कर्मचारी सुनील कुमार ठाकुर को साफ तौर पर देखा जा सकता है। वह क्षेत्र के रहने वाले पीड़ित संजीव कुमार से 21 हजार रुपये की नकद राशि घूस के तौर पर ले रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि राजस्व कर्मचारी इस एक काम के लिए इससे पहले भी दो अलग-अलग किस्तों में मोटी रकम वसूल चुका था। तीसरी बार पैसे देने के दौरान पीड़ित ने अपने मोबाइल से छिपकर पूरी घटना का वीडियो बना लिया, ताकि इस भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ उसके पास एक पुख्ता सबूत रहे। पीड़ित संजीव कुमार ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई, जो यह बताती है कि अंचल कार्यालयों में आम जनता को किस तरह प्रताड़ित किया जाता है। मैंने अपनी जमीन के म्यूटेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया था, लेकिन राजस्व कर्मचारी ने जानबूझकर लापरवाही की और आवेदन रद्द (रिजेक्ट) कर दिया। जब मैं उनसे मिलने गया, तो उन्होंने कहा कि किसी दूसरे के नाम से दोबारा आवेदन करवाओ और जल्दी से पैसे लेकर आओ, नहीं तो इस बार भी खारिज कर दूंगा। मजबूरी में मैंने पहली बार 40 हजार रुपये दिए। इसके बाद काम आगे बढ़ाने के नाम पर दूसरी बार फिर डिमांड हुई, तो 15 हजार रुपये दिए। जब तीसरी बार फिर 21 हजार रुपये मांगे गए, तो मेरे पास फूटी कौड़ी नहीं बची थी। हार मानकर मैंने अपनी खस्सी-बकरी बेची और पैसे लेकर गया। बार-बार पैसे देकर मैं टूट चुका था, इसलिए इस बार सबूत रखने के लिए वीडियो बना लिया। इस सनसनीखेज वीडियो के सामने आने और मामला मीडिया में उछलने के बाद कटिहार के जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है। इस वायरल वीडियो की जो भी सूचना मिली है, हम उसकी पूरी गहनता से जांच करवा रहे हैं। जैसे ही आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होती है, संबंधित राजस्व कर्मचारी के खिलाफ निश्चित रूप से कड़ी से कड़ी दंडात्मक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में भी ऐसे मामलों में एक्शन हुआ है और आगे भी होगा, इसके लिए मैं आम जनता को आश्वस्त करता हूं। फिलहाल, इस वीडियो ने कटिहार समेत पूरे बिहार के प्रशासनिक दावों की पोल खोल कर रख दी है और स्थानीय लोगों में इस भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ भारी आक्रोश है।