• Home
  • News
  • The government will bid farewell to MNREGA! Historic changes are underway in the rural employment system; the "Developed India Employment Guarantee" bill will be introduced in the Lok Sabha.

मनरेगा को अलविदा कहेगी सरकार! ग्रामीण रोज़गार व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी, लोकसभा में पेश होगा ‘विकसित भारत रोजगार गारंटी’ बिल

editor
  • Awaaz Desk
  • December 15, 2025 08:12 AM
 The government will bid farewell to MNREGA! Historic changes are underway in the rural employment system; the "Developed India Employment Guarantee" bill will be introduced in the Lok Sabha.

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार मनरेगा को खत्म कर नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। खबरों के मुताबिक नए कानून ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ लाने के लिए संसद में एक बिल पेश किए जाने की संभावना है। बता दें कि पुराना कानून यानी मनरेगा हर साल ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के वेतन रोज़गार की कानूनी गारंटी देता है। नए कानून में राज्य सरकारों द्वारा ज़्यादा खर्च किया जाएगा और यह मौजूदा काम के दिनों की संख्या को 100 से बढ़ाकर 125 कर देगा। सरकार ने आज सोमवार को लोकसभा सदस्यों के बीच यह बिल सर्कुलेट किया, जिसका मकसद ‘विकसित भारत /2047 के राष्ट्रीय विज़न के साथ तालमेल बिठाते हुए एक ग्रामीण विकास ढांचा स्थापित करना’ है। बिल की कॉपी के मुताबिक इसका मकसद संसद में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल, 2025 पेश करना और 2005 के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम को खत्म करना है। नए विधेयक का मकसद एक समृद्ध और लचीले ग्रामीण भारत के लिए सशक्तिकरण, विकास और तरक्की को बढ़ावा देना भी है। यह नया कानून ग्रामीण विकास ढांचे को विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय नजरिए के साथ ताल.मेल बैठाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इस बिल में केंद्र सरकार द्वारा एक सेंट्रल ग्रामीण रोज़गार गारंटी काउंसिल बनाने का प्रस्ताव है, जिसमें एक चेयरपर्सन, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, पंचायती राज संस्थानों, मज़दूरों के संगठनों और समाज के कमज़ोर वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाले पंद्रह से ज़्यादा गैर-सरकारी सदस्य और भारत सरकार के जॉइंट सेक्रेटरी के पद से नीचे का एक मेंबर-सेक्रेटरी होगा।


संबंधित आलेख: