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निर्जला एकादशी का महापर्वः मां गंगा के तट पर श्रद्धा का जनसागर, हरिद्वार में लाखों भक्तों ने किया स्नान-दान, मेला क्षेत्र को 4 सुपर जोन और 30 सेक्टरों में बांटा गया

editor
  • Awaaz Desk
  • June 25, 2026 06:06 AM
The Grand Festival of Nirjala Ekadashi: A massive sea of ​​devotion on the banks of Mother Ganga; lakhs of devotees took holy dips and performed acts of charity in Haridwar; the fair area was divided into 4 super zones and 30 sectors.

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। सुबह से ही हर की पैड़ी सहित सभी प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु मां गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करने और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने की कामना कर रहे हैं। पूरे दिन और शाम की गंगा आरती तक लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। निर्जला एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, व्रत और दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत कई राज्यों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में हरिद्वार पहुंचे हैं। हर की पैड़ी पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जहां लोग पूरे श्रद्धाभाव के साथ मां गंगा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली निर्जला एकादशी को वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन जल और अन्न का दान करने से सहस्र अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है। इधर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क है। पिछले सप्ताह सोमवती अमावस्या के स्नान पर्व के दौरान उमड़ी रिकॉर्ड भीड़ को ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष तैयारियां की गई हैं। पूरे मेला क्षेत्र को 4 सुपर जोन, 12 जोन और 30 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है। वहीं पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, पीएसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान घाटों और प्रमुख मार्गों पर मुस्तैद हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। साथ ही दिन के समय भारी वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। प्रशासन को उम्मीद है कि दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक वृद्धि होगी। शाम को गंगा आरती के समय हर की पैड़ी और आसपास के घाटों पर भारी भीड़ रहने की संभावना है। गौरतलब है कि बीते सप्ताह सोमवती अमावस्या के अवसर पर हरिद्वार में करीब 75 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया था। उस दिन सप्ताहांत होने के कारण रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे थे। हालांकि निर्जला एकादशी इस बार कार्यदिवस पर पड़ रही है, फिर भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।


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