दुस्साहस की हदः उत्तराखण्ड में यूपी पुलिस टीम पर जानलेवा हमला! वांछित आरोपी को छुड़ाने के लिए थार-स्कार्पियो से फिल्मी अंदाज़ में मारी टक्कर, दरोगा समेत महिला सिपाही घायल
हरिद्वार। उत्तराखण्ड में यूपी पुलिस पर हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटनाक्रम हरिद्वार का है। आरोप है कि मुजफ्फरनगर के छपार थाने में दर्ज धोखाधड़ी के एक मुकदमे के वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने आई पुलिस टीम पर हमला किया गया। आरोपी के बेटे और उसके साथियों ने पुलिस की गाड़ी को कई बार टक्कर मारी, जिसमें एक दरोगा, सिपाही और एक महिला सिपाही घायल हो गए। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इशांत पुत्र संजय, शिवम मालिक पुत्र अनुज मालिक और अमन पुत्र गजेंद्र है। तीनों ही आरोपी ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के सुभाषनगर के रहने वाले हैं। छपार थाने में तैनात दारोगा अनुराग सिंह ने ज्वालापुर पुलिस को शिकायत देकर बताया कि सिपाही मोहित, अनिल कुमार और महिला सिपाही प्राची थाने में दर्ज एक मुकदमे में वांछित आरोपी संजय पुत्र राजपाल, निवासी ए14, सुभाष नगर थाना ज्वालापुर की तलाश में प्राइवेट वाहन से हरिद्वार आए और स्थानीय थाने में आमद दर्ज कराई। पुलिस टीम आरोपी के घर पर पहुंची, लेकिन आरोपी संजय अपने घर पर मौजूद नहीं मिला। आरोपी के बेटे ईशांत को मुकदमे के बारे बताया गया कि संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। ईशांत ने पुलिस टीम को बोला कि ऐसे मुकदमे तो उन्होंने बहुत देखे हैं और इसे भी देख लेंगे। इसके बाद टीम संजय की तलाश कर रही थी कि आरोपी संजय त्रिमूर्ति बाजार की तरफ से आता दिखा। टीम ने संजय को बताया कि मुकदमे में उसके बयान दर्ज करने हैं, लेकिन उसके द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा है। उसी समय संजय का बेटा ईशांत पीछे से अपनी थार गाडी से अपने साथियों के साथ वहां आ गया। तभी अचानक संजय ने भी पुलिस के साथ अभद्रता शुरू कर दी। संजय ने अपने बेटे से बोला कि सारे लडकों को बुलाओ, मौके की नजाकत को देखते हुए आरोपी संजय को गिरफ्तार कर लिया गया। टीम संजय को लेकर हाईवे पर मुजफ्फरनगर की तरफ जा रहे थे। तभी ईशांत की थार और एक काले रंग की स्कार्पियो उनका पीछा करती दिखाई दी। भूमानंद अस्पताल के पास अचानक जान से मारने की नियत से पुलिस की गाड़ी को टक्कर मार दी। दोनों गाड़ियों में से शिवम पुत्र अनुज मलिक, अनुज मलिक पुत्र जगतसिंह, कुणाल त्यागी, अमन, अनिरुद्ध और इनके साथ कई अज्ञात लोग थे। इन सभी लोगों के द्वारा आरोपी संजय के कहने पर पुलिस के सरकारी कार्य में न केवल बाधा उत्पन्न की बल्कि पुलिस को जान से मारने की नियत से गाडी में बार बार टक्कर मारी गई। हमले में वो और महिला प्राची और सिपाही अनिल घायल हो गए। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास संबंधित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।