• Home
  • News
  • The Home Ministry has made a significant decision! Anmol Bishnoi will not be taken into police custody for one year; he will be interrogated only inside Tihar Jail.

गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला! अनमोल बिश्नोई को एक साल तक पुलिस नहीं ले सकेगी कस्टडी में, सिर्फ तिहाड़ जेल के भीतर ही होगी पूछताछ

editor
  • Awaaz Desk
  • December 12, 2025 03:12 PM
The Home Ministry has made a significant decision! Anmol Bishnoi will not be taken into police custody for one year; he will be interrogated only inside Tihar Jail.

नई दिल्ली। कुख्यात गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, गृह मंत्रालय ने अनमोल बिश्नोई के संबंध में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जिसके तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 303 के अंतर्गत 1 साल तक किसी भी राज्य की पुलिस या एजेंसी फिलहाल अनमोल बिश्नोई की कस्टडी नहीं ले सकेगी। गृह मंत्रालय ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह आदेश जारी किया है। अनमोल बिश्नोई की जान को खतरा माना जा रहा है। इंटेलिजेंस इनपुट के बाद सरकार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। अगर किसी राज्य की पुलिस को अनमोल से पूछताछ करनी है तो उसे दिल्ली आना होगा। पूछताछ तिहाड़ जेल की चारदीवारी के भीतर ही करनी होगी। उसे किसी दूसरे राज्य में ले जाने की इजाजत नहीं मिलेगी। यह कदम गैंगवार और रास्ते में हमले की आशंका को देखते हुए उठाया गया है।

बता दें कि अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से डिपोर्ट कर भारत लाए जाने के तुरंत बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया था। फिर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के बाद उसे एनआईए कस्टडी में भेजा गया था, जहां से पहली बार उसे 11 दिनों की हिरासत में भेजा गया था। बाद में अदालत ने उसकी हिरासत को 7 और दिनों के लिए बढ़ा दिया था, ताकि एजेंसी उससे पूछताछ कर सके और गिरोह की योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटा सके। अनमोल बिश्नोई को पटियाला हाउस की एनआईए कोर्ट ने न्यायिक हिरासत मे भेज दिया है। शुक्रवार को अनमोल विश्नोई की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी।

यह भी बता दें कि अनमोल के खिलाफ कई गंभीर आरोप हैं, जिनमें एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या, पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या से जुड़ाव और स्टार सलमान खान के घर फायरिंग की साजिश शामिल है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वह अमेरिका से ही गैंग के ऑपरेशन और लॉजिस्टिक्स को निर्देश देता था, जिससे भारत में विभिन्न आपराधिक गतिविधियां संचालित की गईं। उसके खिलाफ कई राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह काफी समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित था। वह विदेशों में छिपकर अपने गिरोह के नेटवर्क को संचालित करता रहा। अमेरिकी अधिकारियों ने उसे फर्जी दस्तावेजों से अवैध तरीके से रहने के आरोप पर हिरासत में लिया और फिर भारत को डिपोर्ट कर दिया गया। भारत पहुंचते ही एनआईए ने उसे गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश किया। इसके बाद उसकी रिमांड और पूछताछ जारी है।

क्या है धारा 303 का मतलब?

BNSS की धारा 303 के तहत गृह मंत्रालय को अधिकार है कि वह किसी भी बंदी को उसकी वर्तमान जेल से बाहर न निकालने का निर्देश दे सके।इस आदेश का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर असर न पड़े और आरोपी को किसी भी बाहरी खतरे से बचाया जा सके। इसी तरह का आदेश पहले अनमोल के बड़े भाई लॉरेंस बिश्नोई पर भी लागू था, जो पिछले काफी समय से गुजरात की साबरमती जेल में बंद हैं। दोनों को अलग-अलग उच्च-प्रोफाइल मामलों में नामजद आरोपी माना जाता है।


संबंधित आलेख: