फायर से धुरंधर' तक का सफर: सीएम धामी बोले- केंद्रीय नेतृत्व का विश्वास और जनता की अपेक्षाएं मेरी बड़ी जिम्मेदारी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि पार्टी नेतृत्व और प्रदेश की जनता से मिल रही विशेष पहचान उनके लिए केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। नगर निगम में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा उन्हें दी गई 'फ्लावर नहीं फायर', 'धाकड़' और अब 'धुरंधर' जैसी उपमाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा दिए गए ये संबोधन केवल शब्द नहीं हैं, बल्कि यह केंद्रीय नेतृत्व के अटूट विश्वास और उत्तराखंड की जनता की उच्च अपेक्षाओं का प्रतीक हैं। उन्होंने पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान अल्मोड़ा की जनसभा में उन्हें पहली बार 'फ्लावर नहीं फायर' कहा गया था, और हाल ही में हल्द्वानी के कार्यक्रम में उन्हें 'धुरंधर' की उपाधि दी गई। सीएम ने कहा कि इन संबोधनों ने राज्य के प्रति उनके उत्तरदायित्व को और बढ़ा दिया है और वे जनभावनाओं के अनुरूप विकास को गति देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
कानून व्यवस्था पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि उत्तराखंड में अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पुलिस प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि राज्य में सक्रिय हर प्रकार के असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर तत्काल सलाखों के पीछे पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि देवभूमि की शांति भंग करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं होगा। सीएम धामी ने कहा कि उनकी सरकार का हर पल प्रदेश की सेवा और सर्वांगीण विकास को समर्पित है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य के हित में वे भविष्य में भी कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेंगे। मुख्यमंत्री ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि जनता के प्रति उनकी सेवा का संकल्प ही उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करता है और वे उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे।