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एलीफेंट कॉरिडोर पर मंडराया खतरा! ऋषिकेश-भानियावाला सड़क चौड़ीकरण मामले में हाईकोर्ट ने एनएचएआई की दलीलों पर जताई हैरानी, अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद

editor
  • Awaaz Desk
  • January 01, 2026 12:01 PM
Threat looms over the Elephant Corridor! The High Court expresses surprise at the NHAI's arguments in the Rishikesh-Bhaniawala road widening case; the next hearing is scheduled for a week later.

नैनीताल। उत्तरखण्ड हाईकोर्ट ने एनएचएआई द्वारा ऋषिकेश के भानियावाला में बनाए जा रहे फोर लेन सड़क की जद में आ रहे करीब 44,00 पेड़ों के कटान के मामले पर सुनवाई की। पूर्व में उच्च न्यायालय ने यह सुझाव दिया था कि नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया हॉरिजोंटल एक्सपेंशन की जगह क्यों नहीं अपने प्रोजेक्ट को वर्टिकल एक्सपैंड करे, ताकि पेड़ों की संख्या कम से कम हो जाए। वहीं आज सुनवाई में नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने यह तर्क दिया है कि उच्च न्यायालय में की वर्टिकल करने पर उनके अनुसार ज्यादा पेड़ कटेंगे तो इस पर उच्च न्यायालय ने कहा कि यह कैसे संभव है। कोर्ट ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को कहा कि वो 1 नोट प्रिपेयर करें। मामले की अगली सुनवाई 1 सप्ताह बाद होगी। वहीं आज राज्य सरकार ने कोर्ट को अवगत कराया कि अब उनकी नई नीति के अनुसार वह पहले पेड़ों को प्लांट करेंगे, सैपलिंग प्लांट करेंगे, उसके बाद ही पेड़ों को काटने की व्यवस्था करेंगे। कोर्ट ने इसको भी रिकॉर्ड किया। बता दें कि देहरादून निवासी रीनू पाल ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि ऋषिकेश भानियावाला के बीच सड़क चौड़ीकरण के लिए 3 हजार से अधिक पेड़ों को काटने के लिए चिन्हित किया गया है जो कि एलीफेंट कॉरिडोर के मध्य में आता है। जिसकी वजह से हाथी कॉरिडोर सहित अन्य जंगली जानवर प्रभावित हो सकते हैं। इसके बनने से जानवरों की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। लिहाजा इसपर रोक लगाई जाए। पूर्व में भी उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद शिवालिक एलीफेंट रिजर्व को संरक्षित किया गया था।


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